☰
×

रुपये की स्थिति: कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी पूंजी निकासी का प्रभाव

रुपये की स्थिति पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी पूंजी की निकासी का गहरा प्रभाव पड़ा है। सोमवार को रुपये ने 96 प्रति डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार किया। भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई ने रुपये में गिरावट को रोकने में मदद की, लेकिन ऊंची आयात लागत और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। जानें और क्या हो रहा है शेयर बाजार में और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के बारे में।
 

रुपये की सीमित दायरे में स्थिति

मुंबई, 5 अक्टूबर: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेश की निरंतर निकासी के चलते, रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में सीमित दायरे में बना रहा, जो 96 प्रति डॉलर के स्तर के आसपास था। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की समय-समय पर डॉलर की खरीद-बिक्री से दिन के कारोबार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिली है, जिससे रुपये में तेज गिरावट को रोकने में सहायता मिली। हालांकि, ऊंची आयात लागत और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला है।


अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 96.20 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन बाद में गिरकर 96.26 प्रति डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में एक पैसे की कमी है। पिछले बृहस्पतिवार को, रुपया 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे गिरकर 96.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।


महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को विदेशी मुद्रा और शेयर बाजार बंद रहे। इस बीच, अमेरिकी मुद्रा की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.54 प्रतिशत बढ़कर 102.47 पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 413 अंक की बढ़त के साथ 72,315 अंक पर और निफ्टी ने 131.55 अंक की वृद्धि के साथ 22,554.20 अंक पर कारोबार किया।


अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 0.89 प्रतिशत गिरकर 101.34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 9,484.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।