रुपये में गिरावट, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार
रुपये की स्थिति
बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 11 पैसे की गिरावट आई, जिससे यह 95.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त रुख के कारण डॉलर की ताकत में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी बढ़ गई है।
घरेलू बाजार का प्रभाव
हालांकि, घरेलू बाजारों में सकारात्मक रुख ने रुपये को कुछ समर्थन प्रदान किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 95.58 प्रति डॉलर से हुई, और यह कारोबार के दौरान 95.57 तक पहुंचा। लेकिन बाद में यह 95.76 के निचले स्तर तक गिर गया और अंत में 95.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो कि पिछले बंद भाव से 11 पैसे की कमी है।
विश्लेषकों की राय
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि रुपये का कारोबार सकारात्मक रुख के साथ होगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत से वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार की संभावना है। कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी भी रुपये को समर्थन दे सकती है।
डॉलर की स्थिति
डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.50 से 95.95 के दायरे में रहने की उम्मीद है। इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.27 प्रतिशत बढ़कर 100.87 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.26 प्रतिशत बढ़कर 99.51 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार की स्थिति
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 299.17 अंक की वृद्धि के साथ 74,828.25 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 117.80 अंक की बढ़त के साथ 23,446.80 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने बुधवार को 1,617.45 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।