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रुपये में गिरावट, अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर

रुपये में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है, जो 94.55 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। घरेलू शेयर बाजार में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में कमी ने रुपये को कुछ समर्थन दिया है। जानें इस स्थिति का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा है और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों के बारे में।
 

रुपये की स्थिति और बाजार का प्रभाव

मुंबई, 5 नवंबर: विदेशी बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते रुपये में गिरावट आई है। बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने 94.55 प्रति डॉलर का स्तर छुआ, जो कि पिछले बंद भाव से नौ पैसे की कमी है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में कमी ने रुपये को कुछ हद तक समर्थन प्रदान किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 94.36 प्रति डॉलर से हुई।


इसके बाद रुपये में गिरावट आई और यह 94.55 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि रुपये ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन मजबूती दिखाई थी, जब यह 29 पैसे बढ़कर 94.46 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।


इस बीच, अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.34 प्रतिशत गिरकर 101.22 पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव भी वायदा कारोबार में 1.04 प्रतिशत घटकर 93.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 1,403.71 अंक की वृद्धि के साथ 78,689.87 अंक और निफ्टी ने 378.85 अंक की बढ़त के साथ 24,340.40 अंक का स्तर छुआ।


शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 7,284.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।