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रुपये में गिरावट, डॉलर के मुकाबले 95.94 पर बंद हुआ

बृहस्पतिवार को रुपये ने डॉलर के मुकाबले गिरावट के साथ 95.94 पर कारोबार समाप्त किया। हालांकि, रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप ने शुरुआती नुकसान को कम किया। अमेरिकी संसद द्वारा एक नए कानून को मंजूरी देने और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में वृद्धि ने भी रुपये पर दबाव डाला। जानें रुपये की स्थिति, शेयर बाजार की गतिविधियाँ और विदेशी निवेशकों की भूमिका के बारे में।
 

रुपये की स्थिति

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपये ने बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले तीन पैसे की कमी के साथ 95.94 (अस्थायी) पर कारोबार समाप्त किया। एक समय रुपये ने 96 के स्तर से नीचे जाने का अनुभव किया, लेकिन रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप ने शुरुआती नुकसान को काफी हद तक कम कर दिया।


बाजार की स्थिरता

डॉलर सूचकांक और कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट के बावजूद, रुपये ने लगभग स्थिरता बनाए रखी। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच भी निवेशकों का विश्वास बना रहा। विदेशी मुद्रा विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी और अनिश्चित वैश्विक स्थिति के कारण स्थानीय मुद्रा पर दबाव बना रहा।


अमेरिकी संसद का कानून

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक कानून को मंजूरी दी है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल आयात करने वाले भारत और अन्य देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है। इसके अलावा, बढ़ती महंगाई के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि ने भी घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला।


रुपये का उतार-चढ़ाव

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपये ने 95.88 पर शुरुआत की और 96.10 के निचले स्तर तक पहुंचा, जो 24 जुलाई के बाद पहली बार 96 के स्तर से नीचे गया। हालांकि, कारोबार के दौरान रुपये में सुधार हुआ और यह 95.78 के उच्च स्तर तक पहुंचा। अंततः, रुपये ने 95.94 पर बंद होकर पिछले बंद स्तर से तीन पैसे की कमी दर्ज की।


शेयर बाजार की स्थिति

घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 21.86 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 53.00 अंक या 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,270.60 पर समाप्त हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने बाजार में शुद्ध बिकवाल बने रहे और बुधवार को 2,032.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।