रुपये में गिरावट: पहली बार 92.50 के स्तर से नीचे
रुपये की गिरावट का नया रिकॉर्ड
बुधवार को बाजार के समापन पर रुपये ने 92.63 रुपये प्रति डॉलर का रिकॉर्ड निचला स्तर छू लिया। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का भारतीय मुद्रा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस दिन रुपये ने 92.50 के महत्वपूर्ण स्तर को पार किया और 23 पैसे की गिरावट के साथ 92.63 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी भी इस गिरावट का एक कारण है। हाल के समय में भारतीय पूंजी बाजार से विदेशी निवेशकों ने भारी निकासी की है।
सोने और चांदी की कीमतों में कमी
दिल्ली में बुधवार को चांदी की कीमतों में 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई, जबकि सोने की कीमत भी 1,000 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो गई। अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, यह गिरावट मुनाफावसूली और कमजोर घरेलू मांग के कारण हुई है। चांदी की कीमत 2.28 प्रतिशत गिरकर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 0.62 प्रतिशत गिरकर 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
शेयर बाजार में सकारात्मक रुख
वैश्विक बाजारों में तेजी का लाभ भारतीय शेयर बाजार को भी मिल रहा है। इस सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार लगातार हरे निशान पर बंद हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों की मजबूती इस तेजी का कारण है।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी 5 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.87 प्रतिशत बढ़ा। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन
आईटी शेयरों में तेजी के कारण घरेलू बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 633.29 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 929.38 अंक या 1.22 प्रतिशत की तेजी आई और यह 77,000.22 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 196.65 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,777.80 पर बंद हुआ।