रुपये में गिरावट, वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा
रुपये की स्थिति
सोमवार को वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की भावना के चलते भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे की गिरावट के साथ 95.97 पर बंद हुआ। अमेरिका द्वारा ईरान के समझौते के प्रस्ताव को अस्वीकार करने से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावनाएं कम हो गई हैं। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गतिरोध के कारण वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की धारणा बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
जोखिम वाली संपत्तियों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से रुपये पर दबाव बना रह सकता है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.89 पर कमजोर खुला और कारोबार के दौरान यह 96.05 के निचले स्तर तक गिर गया। बाद में, यह 95.87 के उच्चतम स्तर को छूने के बाद 95.97 पर बंद हुआ। पिछले शुक्रवार को रुपया 24 पैसे की बढ़त के साथ 95.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विश्लेषकों की राय
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि अमेरिका द्वारा ईरान के समझौते के प्रस्ताव को खारिज करने से वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा बढ़ी है, जिससे भारतीय रुपया लगभग 20 पैसे गिर गया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीदें कम हो गई हैं।
भविष्य की संभावनाएं
चौधरी ने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध के चलते रुपये में नरमी का रुख जारी रह सकता है। जोखिम वाली संपत्तियों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से रुपये पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप रुपये को सहारा दे सकता है।
बाजार की स्थिति
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.16 प्रतिशत बढ़कर 101.12 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 3.57 प्रतिशत बढ़कर 108.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 1,124.02 अंक गिरकर 72,771.72 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360.25 अंक की गिरावट के साथ 22,780.25 अंक पर रहा।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने सोमवार को 5,353.22 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 18 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14.88 अरब डॉलर घटकर 765.90 अरब डॉलर रह गया, जिसमें विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में गिरावट मुख्य कारण रही।