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रुपये में मजबूती, अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदें

सोमवार को रुपये में मजबूती आई है, जो अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के चलते है। इस लेख में जानें कि कैसे यह स्थिति भारतीय बाजार को प्रभावित कर रही है, साथ ही अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में प्रगति की जानकारी भी प्राप्त करें। क्या यह रुपये के लिए स्थायी सुधार का संकेत है? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

रुपये की स्थिति में सुधार

सोमवार को, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के चलते भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की वृद्धि के साथ 95.20 पर पहुंच गया।


विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, लगभग तीन महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच एक समझौते पर सहमति बन चुकी है, जिससे रुपये में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।


हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ताकारों को सलाह दी है कि किसी भी समझौते में जल्दबाजी न करें और दोनों पक्षों को सही निर्णय लेने के लिए पर्याप्त समय लेना चाहिए।


अंतरिम व्यापार समझौते की प्रगति

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बताया कि अमेरिका और भारत एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं, और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जल्द ही भारत का दौरा करेंगे।


उन्होंने यह भी कहा कि हाल की वार्ताओं के बाद द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती की संभावना बढ़ी है।


अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 95.36 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 95.20 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 40 पैसे की मजबूती दर्शाता है।


अन्य आर्थिक संकेतक

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.04 पर कारोबार कर रहा था।


अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 5.43 प्रतिशत गिरकर 97.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।


घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी देखी गई, जहां सेंसेक्स 908.98 अंक चढ़कर 76,317.85 पर और निफ्टी 262.65 अंक की बढ़त के साथ 23,977.70 पर पहुंच गया।


हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,440.47 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।


विदेशी मुद्रा भंडार में कमी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार, 15 मई को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.094 अरब डॉलर घटकर 688.894 अरब डॉलर रह गया।


इससे पहले, आठ मई को समाप्त सप्ताह में इसमें 6.295 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई थी।