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रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

बुधवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाई है, जो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और एशियाई मुद्राओं में सुधार के चलते संभव हुआ। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दरों में वृद्धि और विदेशी निवेशकों की बिकवाली रुपये के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जानें रुपये की वर्तमान स्थिति और बाजार के अन्य पहलुओं के बारे में।
 

रुपये की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें

बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में कमी और एशियाई मुद्राओं में सुधार के चलते रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे की बढ़त हासिल की, जिससे इसकी कीमत 95.57 प्रति डॉलर हो गई। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का मानना है कि मुद्रा बाजार की दिशा मुख्य रूप से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। कच्चे तेल की नरम कीमतें रुपये के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई हैं, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में वृद्धि के बाद डॉलर की मजबूती और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली रुपये के लिए चिंता का विषय हैं.


अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की शुरुआत 95.58 प्रति डॉलर से हुई, जो बाद में 95.57 तक पहुंच गई। यह पिछले बंद भाव से पांच पैसे की वृद्धि दर्शाता है। मंगलवार को रुपये की कीमत 95.62 प्रति डॉलर थी.


इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत बढ़कर 100.70 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.27 डॉलर प्रति बैरल पर रही। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 283.66 अंक की बढ़त के साथ 74,812.74 पर और निफ्टी ने 85.55 अंक की वृद्धि के साथ 23,414.55 पर पहुंच गया.


शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,809.99 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिक्री की.