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रुपये में सुधार: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे की बढ़त

सोमवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे की बढ़त दर्ज की, जो कि आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप का परिणाम है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बीच, रुपये ने 95.17 प्रति डॉलर पर कारोबार किया। जानें कि कैसे डॉलर सूचकांक और विदेशी मुद्रा प्रवाह ने इस सुधार में योगदान दिया। इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजार की स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर भी एक नजर डालें।
 

रुपये की स्थिति

सोमवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर कारोबार किया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बीच, यह तेजी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप के कारण आई। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना के चलते अमेरिकी बॉंड पर प्रतिफल बढ़ा और डॉलर में मजबूती आई।


आरबीआई का हस्तक्षेप

ऐसा प्रतीत होता है कि आरबीआई ने रुपये को समर्थन देने के लिए निचले स्तर पर हस्तक्षेप किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये ने 95.56 प्रति डॉलर पर शुरुआत की और कारोबार के दौरान 95.11 से 95.56 के दायरे में रहा। अंततः यह 95.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 26 पैसे की बढ़त दर्शाता है।


डॉलर सूचकांक और कच्चे तेल की कीमतें

रुपये ने शुक्रवार को 95.43 प्रति डॉलर पर मामूली बढ़त के साथ बंद किया था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने बताया कि डॉलर सूचकांक में आई तेजी और फेडरल रिजर्व के प्रमुख की सख्त टिप्पणियों के बावजूद रुपये ने दो दिन में मजबूत वापसी की। उन्होंने कहा कि इस सुधार में आरबीआई के समय पर हस्तक्षेप और विदेशी मुद्रा प्रवासी योजनाओं से जुड़े डॉलर प्रवाह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


बाजार की स्थिति

इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.52 पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 3.70 प्रतिशत बढ़कर 91.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि रुपये में बड़ी गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई सक्रिय रूप से बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है।


शेयर बाजार की स्थिति

एफसीएनआर (बी) योजना के तहत बेहतर विदेशी मुद्रा प्रवाह से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 307.24 अंक गिरकर 76,957.27 अंक पर और निफ्टी 95.25 अंक टूटकर 24,080.40 अंक पर बंद हुआ। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में 5,039.80 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।


विदेशी मुद्रा भंडार

आरबीआई ने शुक्रवार को बताया कि 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.422 अरब डॉलर बढ़कर 729.32 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।