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लद्दाख में सी-बकथॉर्न के फलों का न्यूनतम खरीद मूल्य बढ़ा, किसानों को मिलेगा लाभ

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सी-बकथॉर्न के फलों का न्यूनतम खरीद मूल्य 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति किलोग्राम करने की घोषणा की है। यह कदम किसानों की आय में सुधार लाने के लिए उठाया गया है। सम्मेलन में सी-बकथॉर्न के उत्पादन और उसके व्यावसायिक उपयोग को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान केंद्र की स्थापना पर चर्चा की गई। जानें इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के बारे में और कैसे यह लद्दाख के किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
 

सी-बकथॉर्न के फलों की कीमत में वृद्धि

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को सी-बकथॉर्न के फलों का न्यूनतम खरीद मूल्य 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति किलोग्राम करने की घोषणा की। यह निर्णय सी-बकथॉर्न के उत्पादक किसानों और स्थानीय समुदायों की आय में सुधार लाने के उद्देश्य से लिया गया है। यह घोषणा लेह में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सी-बकथॉर्न सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर की गई।


सी-बकथॉर्न का महत्व

सक्सेना ने लद्दाख के सी-बकथॉर्न पर आधारित एक विशेष डाक आवरण भी जारी किया। यह कांटेदार झाड़ी ठंडे और पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है, और इसके नारंगी-पीले फलों का उपयोग जूस, खाद्य उत्पादों, सौंदर्य प्रसाधनों और पारंपरिक उत्पादों में किया जाता है।


उत्पादन में चुनौतियाँ

अधिकारियों के अनुसार, लद्दाख में सी-बकथॉर्न की झाड़ियों में फल तोड़ना कठिन होता है, जिससे सालाना उत्पादन का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद हो जाता है। केवल 15 प्रतिशत फलों का ही व्यावसायिक उपयोग हो पाता है। सक्सेना ने इस वर्ष फसल के व्यावसायिक उपयोग को 50 प्रतिशत और अगले वर्ष 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।


आधुनिक तकनीक का उपयोग

उन्होंने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आधुनिक तुड़ाई तकनीक अपनाने, बेहतर मूल्यवर्धन, पैकेजिंग और बाजार संपर्क विकसित करने पर जोर दिया। वर्तमान में, लद्दाख में सी-बकथॉर्न का अधिकांश उत्पादन प्राकृतिक रूप से होता है, जिससे किसानों के लिए तुड़ाई करना कठिन हो जाता है।


संजीवनी अनुसंधान केंद्र की स्थापना

सक्सेना ने कहा कि कांटेदार झाड़ियों से फल निकालना श्रमसाध्य है, जिससे बड़ी मात्रा में उपज नष्ट होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सी-बकथॉर्न को 'संजीवनी' बताया था। लद्दाख सी-बकथॉर्न किस्म का जीआई पंजीकरण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी पहचान और ब्रांड मूल्य स्थापित करने में मदद करेगा।


अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय सी-बकथॉर्न सम्मेलन में 20 प्रमुख खरीदारों और लगभग 120 एमएसएमई-पंजीकृत उद्यमियों के अलावा मंगोलिया, वियतनाम और अरुणाचल प्रदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और उद्यमी शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सी-बकथॉर्न को आर्थिक संसाधन के रूप में विकसित करने के लिए अनुभव और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान करना है।