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लार्सन एंड टुब्रो का वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफा और नए ऑर्डर में वृद्धि

लार्सन एंड टुब्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 5,202 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33% अधिक है। कंपनी का राजस्व 16% बढ़कर 78,750 करोड़ रुपये हो गया है। नए ऑर्डर में भी 28% की वृद्धि हुई है, जिससे कंपनी की भविष्य की संभावनाएं उज्ज्वल दिखती हैं। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास है।
 

लार्सन एंड टुब्रो का शानदार तिमाही प्रदर्शन

लार्सन एंड टुब्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उत्कृष्ट परिणाम प्रस्तुत किए हैं। कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में 5,202 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 33% अधिक है। इस वृद्धि का मुख्य कारण विभिन्न व्यवसायों में तेजी और प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में हुई प्रगति है।


राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि

कंपनी ने 27 अक्टूबर को अपने परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच उसका राजस्व 16% बढ़कर 78,750 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 67,984 करोड़ रुपये था। परियोजनाओं, उत्पादों और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कार्यों में सुधार ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


नए ऑर्डर का रिकॉर्ड स्तर

इस तिमाही में कंपनी को नए कार्यों के लिए रिकॉर्ड स्तर के ऑर्डर प्राप्त हुए। एलएंडटी ने कुल 1,47,665 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 28% अधिक हैं। ये ऑर्डर मुख्य रूप से तेल और गैस से संबंधित समुद्री और भूमि परियोजनाओं, कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली तकनीकों, सार्वजनिक स्थानों, हवाई अड्डों और बिजली पारेषण एवं वितरण के क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती

कंपनी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। तिमाही के दौरान विदेशों से 92,375 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले, जो कुल नए ऑर्डर का 63% हिस्सा हैं। यह दर्शाता है कि कंपनी की परियोजनाओं और सेवाओं की मांग भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी बनी हुई है।


भविष्य की संभावनाएं

एलएंडटी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के बावजूद कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि बड़े और जटिल कार्यों को हासिल करने में ग्राहकों का विश्वास और परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने की क्षमता महत्वपूर्ण रही है। कंपनी नई तकनीकों, डिजिटल सुविधाओं और तकनीकी आधारित व्यवसायों में निवेश जारी रखेगी, ताकि विकास की गति बनी रहे और सभी हितधारकों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।


आर्थिक चुनौतियां

30 सितंबर 2026 तक कंपनी के पास कुल 8,53,514 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था, जो मार्च 2026 की तुलना में 15% अधिक है। यह ऑर्डर बुक उन परियोजनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जिनके लिए कंपनी को ठेका मिल चुका है, लेकिन जिनका कार्य अभी पूरा होना बाकी है। कुल ऑर्डर बुक में अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं की हिस्सेदारी 54% रही। कंपनी के अनुसार, यह रिकॉर्ड स्तर का ऑर्डर बुक आने वाले वर्षों में कार्य और राजस्व की अच्छी संभावनाएं दर्शाता है।


शेयर बाजार की स्थिति

कंपनी ने अपने शेयर बाजार संबंधी दस्तावेज में कहा कि वैश्विक व्यापार तनाव, भू-राजनीतिक संघर्ष और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था के बुनियादी हालात मजबूत बने हुए हैं। हालांकि, खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ऊर्जा की महंगाई और मौसम से जुड़ी समस्याओं के कारण मुद्रास्फीति अब भी चिंता का विषय है। 27 अक्टूबर को शेयर बाजार में एलएंडटी का शेयर 0.4% गिरकर 3,665.1 रुपये पर बंद हुआ। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में परियोजनाओं को कितनी तेजी से पूरा कर पाती है।