×

लेंसकार्ट के शेयरों में उतार-चढ़ाव, ब्लॉक सौदे से बढ़ी गतिविधि

शुक्रवार को लेंसकार्ट के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसमें शुरुआती गिरावट के बाद जोरदार वापसी हुई। एक बड़ा ब्लॉक सौदा, जिसमें 11.22 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ, इस गतिविधि का मुख्य कारण रहा। जानें इस सौदे के पीछे की कहानी और निवेशकों की रणनीतियों के बारे में।
 

लेंसकार्ट के शेयरों में तेजी और गिरावट

शुक्रवार की सुबह लेंसकार्ट के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। प्रारंभिक गिरावट के बाद, कंपनी के शेयरों ने जोरदार वापसी की, जिससे दिन के निचले स्तर से लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।




जानकारी के अनुसार, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयर पहले सत्र में दो प्रतिशत से अधिक गिरे, लेकिन बाद में बढ़ते हुए लगभग 498.7 रुपये के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुंचे। सुबह के कारोबार में यह लगभग 493.7 रुपये पर कारोबार करते नजर आए, जो दिन के हिसाब से लगभग 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।




इस उतार-चढ़ाव के पीछे एक बड़ा ब्लॉक सौदा है, जिसमें लगभग 11.22 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ, जो कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 6.46 प्रतिशत है। इस सौदे का कुल मूल्य लगभग 5315.6 करोड़ रुपये रहा है। यह सौदा 473.4 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ, जो पिछले कारोबारी दिन के बंद भाव 492.4 रुपये से लगभग 3.9 प्रतिशत कम है।




सूत्रों के अनुसार, यह ब्लॉक सौदा तब हुआ जब कंपनी के प्रारंभिक निवेशकों के लिए छह महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त हो गई थी। इसके बाद कई निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना बनाई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, बर्ड्सआई व्यू होल्डिंग, टीआर कैपिटल मॉरिशस, एबीजी कैपिटल और करिबा होल्डिंग्स जैसे निवेशक इस सौदे में शामिल हो सकते हैं। 




लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद कंपनी के बड़े पैमाने पर शेयर बाजार में उपलब्ध हो गए हैं। एक अनुमान के अनुसार, लगभग 1047.4 मिलियन शेयर, यानी लगभग 60 प्रतिशत इक्विटी अब ट्रेडिंग के लिए खुल चुकी है।




पिछले पांच कारोबारी सत्रों में भी लेंसकार्ट के शेयरों पर दबाव देखा गया था, जिसमें लगभग सात प्रतिशत की गिरावट आई थी। फिर भी, शेयर अभी भी अपने निर्गम मूल्य 402 रुपये से ऊपर बने हुए हैं, जो नवंबर 2025 में सूचीबद्ध होने के समय तय किया गया था।




बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी में बदलाव और लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद बाजार में आई नई आपूर्ति के कारण शेयरों में अस्थिरता देखी जा रही है, लेकिन फिलहाल रिकवरी के संकेत भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।