वित्त मंत्री ने एआई के दुरुपयोग और सुरक्षा पर जताई चिंता
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में एआई के दुरुपयोग और सुरक्षा के मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि एआई एक दोधारी तलवार है, जिसका उपयोग धोखाधड़ी पकड़ने के साथ-साथ धोखाधड़ी करने में भी किया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय का स्वागत किया और तकनीकी क्षेत्र में नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Sep 11, 2026, 22:17 IST
एआई: एक दोधारी तलवार
तकनीक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से बदलाव ला रहा है, लेकिन इसके साथ ही नए खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि एआई एक दोधारी तलवार है, जिसका उपयोग न केवल धोखाधड़ी पकड़ने में किया जा सकता है, बल्कि धोखाधड़ी करने में भी। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति का उद्देश्य सिस्टम को अधिक सक्षम बनाना होना चाहिए, न कि नए जोखिमों को जन्म देना।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में चेतावनी
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में अपने संबोधन में, निर्मला सीतारमण ने एआई, बड़े भाषा मॉडल और साइबर खतरों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का प्रभाव अब केवल वित्तीय क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच और चुनावी परिणामों को भी प्रभावित कर सकता है।
एआई मॉडल का प्रभाव
वित्त मंत्री ने एक ऐसे एआई मॉडल का उल्लेख किया, जो लोगों को उनकी जानकारी के बिना प्रभावित कर सकता है। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति की राय में बदलाव की प्रक्रिया इतनी सूक्ष्म हो सकती है कि उसे इसका एहसास भी न हो। यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था और सार्वजनिक जीवन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती है।
भारतीय रिजर्व बैंक का निर्णय
निर्मला सीतारमण ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय का स्वागत किया। 10 सितंबर को, भारतीय रिजर्व बैंक ने यूनिफाइड फिनटेक फोरम को वित्तीय तकनीकी क्षेत्र के लिए एक स्वनियामक संगठन के रूप में मान्यता दी। वित्त मंत्री ने इसे बदलते वित्तीय तकनीकी क्षेत्र की आवश्यकताओं के प्रति केंद्रीय बैंक की प्रतिक्रिया बताया।
नियमन में संतुलन की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र के लिए नियम बनाते समय नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उनके अनुसार, अत्यधिक सख्त नियम नई तकनीकों के विकास में बाधा डाल सकते हैं, जबकि बिना उचित निगरानी के तेजी से बढ़ती तकनीक नई कमजोरियों को जन्म दे सकती है। इसलिए, उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ हल्के और लचीले नियमन की आवश्यकता पर चर्चा की है।
डिजिटल मुद्रा का महत्व
वित्त मंत्री ने केंद्रीय बैंक से डिजिटल मुद्रा के थोक और खुदरा स्तर पर परीक्षण को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के बीच, केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा को भविष्य की वित्तीय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
युवाओं की भूमिका
कार्यक्रम में, निर्मला सीतारमण ने भारत की युवा आबादी को देश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने उन चिंताओं को खारिज किया, जिनमें भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवा पहले से ही भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भारत की डिजिटल प्रगति
उन्होंने कहा कि युवा भारतीय नई तकनीक विकसित करने, कंपनियां स्थापित करने और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। उनके अनुसार, भारत की डिजिटल सार्वजनिक व्यवस्था, अरबों लेनदेन करने वाली यूपीआई, तेज आर्थिक वृद्धि और अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रही प्रगति इस क्षमता के उदाहरण हैं।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में भागीदारी
मौजूदा जानकारी के अनुसार, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लगभग 8,000 संगठनों ने भाग लिया। इनमें वित्तीय तकनीकी कंपनियों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत, वित्तीय संस्थानों की 25 प्रतिशत, तकनीक से जुड़ी संस्थाओं की 43 प्रतिशत और सहायता सेवाओं की 12 प्रतिशत रही।
सुरक्षा और जिम्मेदार नियमन
निर्मला सीतारमण के बयान से स्पष्ट है कि भारत तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उसके दुरुपयोग और साइबर खतरों पर भी ध्यान देना चाहता है। एआई के बढ़ते उपयोग के बीच, सुरक्षा, भरोसा और जिम्मेदार नियमन अब वित्तीय क्षेत्र और पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बन गए हैं।