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वित्त मंत्री ने घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने की योजना का खुलासा किया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी LPG जरूरतों का 65 प्रतिशत आयात करता है और संकट के कारण आपूर्ति में चुनौतियाँ आ रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में विकास और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि के बारे में भी जानकारी दी। संसद ने अनुदान संबंधी मांगों को मंजूरी दी है, जिससे सरकार को अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति मिली है।
 

LPG उत्पादन में वृद्धि की आवश्यकता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच, घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।


राज्यसभा में अनुदान संबंधी अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि खरीफ फसल के लिए देश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है और रबी फसल के लिए पोषक तत्वों की खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।


पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी का निपटान

सीतारमण ने यह भी बताया कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान जारी किए गए 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बॉंड का निपटान किया जा रहा है। इन बॉंड पर ब्याज दर 7 से 8.4 प्रतिशत के बीच थी।


उन्होंने कहा कि भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरतों का लगभग 65 प्रतिशत आयात करता है, और पश्चिम एशिया संकट ने इस क्षेत्र में नई चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं।


आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय

सीतारमण ने कहा कि एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से आता है, जिससे यह चिंता बढ़ गई थी कि हमें एलपीजी मिलेगी या नहीं।


उन्होंने कहा कि संकट के समय में आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए पर्याप्त रिपोर्ट उपलब्ध हैं।


ऊर्जा क्षेत्र में विकास

वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता के प्रयासों की सराहना की और कहा कि देश ने बिजली क्षेत्र में व्यापक विकास किया है।


उन्होंने बताया कि 2014 से स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता दोगुनी हो गई है और अब देश में बिजली की कोई कमी नहीं है।


एलपीजी उत्पादन में वृद्धि

सीतारमण ने कहा कि सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने का निर्देश दिया था।


इससे घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है, जिसका पूरा हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा।


सरकारी नीतियों का प्रभाव

उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में वृद्धि, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता और जीवाश्म ईंधन की घटती हिस्सेदारी एक साथ आई है।


सीतारमण ने बताया कि सरकार के स्थिर नीतिगत दृष्टिकोण के कारण हम किसी भी स्थिति में सुधार करने में सक्षम हुए हैं।


स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि

उन्होंने सदन को सूचित किया कि गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 271.97 गीगावाट है, जो कुल क्षमता का 52 प्रतिशत से अधिक है।


मंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता अब जीवाश्म ईंधन से अधिक हो गई है।


अनुदान संबंधी मांगों की मंजूरी

राज्यसभा ने अनुदान पर चर्चा के बाद विनियोग विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर लोकसभा को लौटा दिया।


इससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त 2.01 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति मिल गई है।