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विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में वापसी, 4,670 करोड़ का निवेश

इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की सक्रियता बढ़ी है, जिन्होंने 4,670 करोड़ रुपए का निवेश किया। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 8,280 करोड़ का शुद्ध निवेश किया। जून में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए निवेश 31,780 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों का उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण। जानें इस सप्ताह के निवेश के आंकड़े और बाजार की स्थिति के बारे में।
 

विदेशी निवेशकों की सक्रियता

मुंबई - इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में फिर से खरीदारी की। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने इस दौरान 4,670 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।


घरेलू निवेशकों की भूमिका

घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) भी बाजार में सक्रिय बने रहे, जिन्होंने इस सप्ताह 8,280 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया। इसके अलावा, एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जून में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश बढ़कर 31,780 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों का उच्चतम स्तर है।


निवेश में वृद्धि

विश्लेषकों के अनुसार, यह राशि मई के 30,950 करोड़ रुपए की तुलना में 2.7 प्रतिशत अधिक है। जून 2025 में दर्ज 27,270 करोड़ रुपए के मुकाबले इसमें 16.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी ने बताया कि प्रमुख शेयर सूचकांकों की चार सप्ताह की तेजी इस सप्ताह थम गई, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।


बाजार में उतार-चढ़ाव

सप्ताह की शुरुआत में निफ्टी ने अच्छी तेजी दिखाई और मंगलवार को 24,530 का साप्ताहिक उच्च स्तर बनाया। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में भारी गिरावट आई, जिससे निफ्टी बुधवार को 23,805 अंक के साप्ताहिक निचले स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद, अंतिम दो कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी रिकवरी हुई और निफ्टी लगभग 24,200 अंक पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में इसमें करीब 0.26 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई।


सरकारी नीतियों का प्रभाव

विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की हालिया नीतियों ने विदेशी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। विशेष रूप से विदेशी ऋण निवेशकों (एफडीआई) के लिए कर ढांचे में सुधार और विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने से संबंधित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हाल के दिनों में भारतीय डेट मार्केट में भी विदेशी निवेशकों की अच्छी भागीदारी देखी गई है, जिसमें एफआईआई का निवेश लगभग 5 से 6 अरब डॉलर रहा है।


निवेश की स्थिति

हालांकि, जून में विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगभग 3 अरब डॉलर के शुद्ध विक्रेता रहे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने उसी महीने लगभग 9 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश किया। जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 महीनों में भारतीय प्राथमिक बाजार में एफआईआई ने 8.1 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश किया है, जबकि द्वितीयक बाजार से उन्होंने 49.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की है।