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विप्रो और सर्विसनाउ की नई साझेदारी: एआई आधारित कार्यप्रणालियों का विस्तार

विप्रो लिमिटेड ने सर्विसनाउ के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाते हुए एआई आधारित कार्यप्रणालियों को लागू करने की योजना बनाई है। यह सहयोग संगठनों के विभिन्न विभागों में कार्यों को तेज और संगठित बनाने का लक्ष्य रखता है। विप्रो का "विप्रो इंटेलिजेंस" प्लेटफॉर्म सर्विसनाउ के एआई प्लेटफॉर्म से जुड़कर सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन, और साइबर सुरक्षा में सुधार करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी कंपनियों को बेहतर कार्य निष्पादन और पारदर्शिता में मदद करेगी।
 

विप्रो और सर्विसनाउ की साझेदारी का विस्तार

भारत की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड ने गुरुवार को सर्विसनाउ के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की घोषणा की है। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य एआई-आधारित प्रक्रियाओं को बड़े संगठनों के दैनिक कार्यों में लागू करना है।




हालिया जानकारी के अनुसार, इस नई साझेदारी के तहत विप्रो अपने "विप्रो इंटेलिजेंस" प्लेटफॉर्म को सर्विसनाउ के एआई प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी। इसका लक्ष्य सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन, खरीद प्रक्रिया और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कार्यों को अधिक तेज और संगठित बनाना है।




कंपनियां अब ऐसे डिजिटल समाधान विकसित कर रही हैं, जो विभिन्न विभागों के बीच मैनुअल समन्वय को कम करने में मदद करेंगे। इसके साथ ही, कार्य की निगरानी और पारदर्शिता में सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है।




विप्रो ने बताया कि उसकी तीन प्रमुख सेवाएं सीधे सर्विसनाउ प्लेटफॉर्म की क्षमताओं का लाभ उठाएंगी। इनमें "स्मार्टप्रोक्योर" खरीद प्रक्रिया और मंजूरी से संबंधित कार्यों को संभालेगा। "टेलीकॉम ऑटोनॉमस नेटवर्क्स" दूरसंचार क्षेत्र में सेवा संचालन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके अलावा, "साइबर ट्रांसफॉर्म" साइबर सुरक्षा और खतरों की निगरानी करेगा।




विप्रो के अमेरिका क्षेत्र के CEO मलय जोशी ने कहा कि बड़ी कंपनियों के लिए चुनौती यह नहीं है कि वे एआई को अपनाना नहीं चाहतीं, बल्कि समस्या इसे बड़े पैमाने पर लागू करने की है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी व्यावहारिक समाधान प्रदान करने और बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित करने में मदद करेगी।




सर्विसनाउ के अध्यक्ष और COO अमित जावेरी ने कहा कि यह सहयोग कंपनियों को ऐसे मॉडल की ओर ले जाएगा, जहां एआई सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से कार्य करेगा। उनका मानना है कि इससे संस्थानों में कार्य की गति और परिणाम दोनों में सुधार होगा।




विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई आधारित कार्यप्रणालियां वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगी। भारत की आईटी कंपनियां भी अब पारंपरिक सेवाओं से आगे बढ़कर एआई और स्वचालित प्रणालियों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं।




इस साझेदारी के माध्यम से कंपनियों को तेज कार्य निष्पादन, एकीकृत कार्य मंच, नियमों का बेहतर पालन और जिम्मेदारियों की स्पष्ट निगरानी जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।