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विप्रो के वित्तीय परिणाम: मुनाफे में गिरावट, लेकिन आय में वृद्धि

विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों में मुनाफे में गिरावट की सूचना दी है, जबकि कुल आय में वृद्धि हुई है। कंपनी के नए कारोबार में कमी आई है, लेकिन नकदी प्रवाह मजबूत बना हुआ है। CEO श्रीनी पल्लिया ने रणनीतिक निवेशों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर जोर दिया है। जानें कंपनी के भविष्य की संभावनाओं और शेयर बाजार में प्रदर्शन के बारे में।
 

विप्रो के वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषण

भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक विप्रो ने अपने वित्तीय परिणामों में मिश्रित संकेत दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.4% घटकर 3,201 करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा, पहली तिमाही की तुलना में मुनाफे में 4.7% की कमी आई है। हालांकि, कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर वृद्धि देखी गई है।


कुल आय में वृद्धि

कंपनी ने गुरुवार को अपने परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि जुलाई से सितंबर 2026 के बीच उसकी कुल आय 9.1% बढ़कर 24,752.7 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, तिमाही के आधार पर आय में 1.1% की कमी आई है। आईटी सेवा क्षेत्र से प्राप्त आय सालाना आधार पर 0.3% बढ़कर 2,611.5 मिलियन डॉलर रही। स्थिर मुद्रा के आधार पर इस क्षेत्र की आय में सालाना 0.6% की वृद्धि हुई, जबकि पिछली तिमाही की तुलना में यह लगभग स्थिर रही।


नए कारोबार में कमी

कंपनी के नए कारोबार से संबंधित आंकड़ों में कमी देखी गई है। दूसरी तिमाही में नए सौदों का कुल मूल्य 2,595 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले तिमाही की तुलना में स्थिर मुद्रा के आधार पर 22.9% कम है। बड़े सौदों का मूल्य भी 58.6% घटकर 674 मिलियन डॉलर रह गया, जो दर्शाता है कि कंपनी नए कारोबार हासिल करने में चुनौतियों का सामना कर रही है।


परिचालन लाभ और प्रति शेयर आय

सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र का परिचालन लाभ मार्जिन 16.5% रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 0.2 प्रतिशत अंक कम है, लेकिन पिछली तिमाही से 0.5 प्रतिशत अंक बेहतर है। प्रति शेयर आय सालाना आधार पर 4.2% बढ़कर 3.23 रुपये हो गई है, जबकि तिमाही आधार पर इसमें 0.9% की वृद्धि हुई है।


नकदी प्रवाह में मजबूती

कंपनी के नकदी प्रवाह में अच्छी मजबूती देखी गई है। दूसरी तिमाही में परिचालन से 5,300 करोड़ रुपये की नकदी आई, जो पिछले तिमाही की तुलना में 61.3% अधिक है। यह तिमाही के शुद्ध मुनाफे का 165.8% है। पिछले 12 महीनों में स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 13.8% रही।


प्रबंधन की टिप्पणी

विप्रो के CEO श्रीनी पल्लिया ने कहा कि कंपनी के रणनीतिक निवेश नए बाजारों में प्रवेश, नए ग्राहकों को जोड़ने और मौजूदा ग्राहकों के साथ संबंध बढ़ाने में सहायक हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि परामर्श सेवाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित रणनीति से नए अवसरों की संभावनाएं बढ़ रही हैं।


आगे की संभावनाएं

मुख्य वित्त अधिकारी अपर्णा अय्यर ने कहा कि कारोबार और कर्मचारियों में निवेश जारी रहने के बावजूद कंपनी ने परिचालन लाभ मार्जिन को 16.5% तक बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए कंपनी ने आईटी सेवा कारोबार से 2,571 मिलियन डॉलर से 2,625 मिलियन डॉलर तक की आय का अनुमान लगाया है।


शेयर बाजार में प्रदर्शन

गुरुवार को शेयर बाजार में विप्रो का शेयर 1.82% बढ़कर 174.05 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, वर्ष की शुरुआत से अब तक इसमें लगभग 35% की गिरावट आई है। वर्तमान मूल्य पर कंपनी का कुल बाजार मूल्य लगभग 1,72,402 करोड़ रुपये है। निवेशकों की निगाहें अब कंपनी की आय, नए सौदों और एआई से मिलने वाले कारोबार पर टिकी हुई हैं।