वेदांता की बोली में बदलाव पर उठे सवाल, अदानी की चुनौती का सामना
वेदांता लिमिटेड ने अदानी इंटरप्राइजेज को सर्वोच्च बोलीदाता घोषित करने के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है। कर्जदाताओं की समिति ने आरोप लगाया है कि वेदांता ने जानकारी लीक होने के कारण अपनी बोली में बदलाव किया। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जानकारी लीक होने का मामला साबित होता है, तो यह वेदांता के पक्ष को मजबूत कर सकता है। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
Apr 20, 2026, 22:55 IST
बोली में बदलाव का मामला
कर्जदाताओं की समिति ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में बताया कि वेदांता लिमिटेड ने संभवतः जानकारी लीक होने के कारण अपनी बोली में परिवर्तन किया। समिति की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रारंभिक मापदंडों में वेदांता पीछे थी, लेकिन बाद में उसने अचानक अपनी बोली को सुधार दिया, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ है।
सुनवाई की जानकारी
यह सुनवाई न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता में हो रही है, जहां वेदांता ने अदानी इंटरप्राइजेज को सर्वोच्च बोलीदाता घोषित करने के खिलाफ चुनौती दी है। समिति का कहना है कि बोली की अंतिम समय सीमा के बाद वेदांता ने संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे नियमों के अनुसार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
समिति की चिंताएं
समिति के एक प्रमुख सदस्य ने कहा कि यदि इस संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी जाती है, तो पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू करना पड़ेगा, जिससे समाधान में देरी होगी। समिति के वकीलों का कहना है कि बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वेदांता ने नया प्रस्ताव पेश किया, जब उसे लगा कि वह सफल नहीं हो पाएगी।
वेदांता का जवाब
वेदांता ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी के वकील ने कहा कि सभी दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए गए हैं और किसी भी जानकारी को छुपाया नहीं गया है। इसके अलावा, वेदांता ने यह भी आरोप लगाया है कि बोली प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही और उसके प्रस्ताव को नजरअंदाज किया गया।
आगे की सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को निर्धारित की गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जानकारी लीक होने का मामला साबित होता है, तो यह वेदांता के पक्ष को मजबूत कर सकता है, क्योंकि इससे समान अवसर न मिलने का मुद्दा उठ सकता है।
जयप्रकाश एसोसिएट्स का मामला
जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड वर्ष 2024 में दिवालिया प्रक्रिया में शामिल हुई थी और उस पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। इस कंपनी की संपत्तियों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में लगभग 4000 एकड़ जमीन, होटल, व्यावसायिक संपत्तियां, सीमेंट संयंत्र और फॉर्मूला रेसिंग ट्रैक शामिल हैं।
अदानी की समाधान योजना
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की इलाहाबाद पीठ ने 17 मार्च को अडानी एंटरप्राइजेज की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद वेदांता ने इस फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 6 अप्रैल को इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, लेकिन यह निर्देश दिया कि आगे की किसी भी बड़ी कार्रवाई से पहले अपीलीय न्यायाधिकरण की अनुमति ली जाए।