वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन: उद्योग जगत में शोक की लहर
अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन
नई दिल्ली: वेदांता समूह के प्रमुख अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उद्योग और राजनीति में शोक की लहर पैदा कर दी है। 49 वर्ष की आयु में उनका निधन हृदय गति रुकने के कारण हुआ। अनिल अग्रवाल ने बताया कि यह घटना अमेरिका में एक स्कीइंग दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान हुई 'चिकित्सकीय विफलता' के कारण हुई।
अनिल अग्रवाल का दर्द
बुधवार को अपने बेटे के निधन की जानकारी देते हुए अनिल अग्रवाल ने इसे अपने जीवन का सबसे 'काला दिन' बताया। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य लग रहे थे, लेकिन अचानक दिल का दौरा सब कुछ छीन ले गया।
अग्निवेश अग्रवाल: एक परिचय
अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना, बिहार में हुआ था। वे एक सफल उद्योगपति के साथ-साथ संवेदनशील और मानवीय स्वभाव के व्यक्ति के रूप में भी जाने जाते थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान के मेयो कॉलेज, अजमेर में हुई।
शिक्षा पूरी करने के बाद, अग्निवेश ने कारोबारी क्षेत्र में कदम रखा और फुजैराह गोल्ड की स्थापना की। इसके बाद, उन्होंने वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान जिंक के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
अमेरिका में इलाज के दौरान निधन
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि अग्निवेश का न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज चल रहा था। हाल ही में हुई स्कीइंग दुर्घटना के बाद उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद थी।
उन्होंने लिखा, 'हमें लगा था कि सबसे बुरा समय बीत चुका है। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और अचानक दिल का दौरा पड़ने से हमारा बेटा हमसे छीन लिया गया। अपने बच्चे को अलविदा कहने वाले माता-पिता के दर्द को शब्दों में बयान करना नामुमकिन है।'
अग्निवेश के गुण
अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को याद करते हुए कहा, 'अग्निवेश कई गुणों से संपन्न थे। एक खिलाड़ी, एक संगीतकार, एक नेता… फिर भी, तमाम उपलब्धियों से परे वे सरल, स्नेही और गहरे मानवीय स्वभाव के थे।'
उन्होंने कहा कि अग्निवेश केवल उनके बेटे नहीं, बल्कि उनके 'मित्र', 'गर्व' और 'दुनिया' थे। इस दुख की घड़ी में उन्होंने यह भी कहा कि वेदांता समूह में काम करने वाले हजारों युवा उन्हें अपने ही बच्चों जैसे लगते हैं।
समाज के प्रति अग्निवेश का सपना
अनिल अग्रवाल ने साझा किया कि उनका और अग्निवेश का एक सपना था कि कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, हर महिला आत्मनिर्भर बने और हर युवा को सार्थक रोजगार मिले। उन्होंने लिखा कि अग्निवेश ने वादा किया था कि उनकी कमाई का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को वापस दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी का शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन अत्यंत स्तब्ध और दुखद है। इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि में आपके गहरे शोक का भाव स्पष्ट है। प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को निरंतर शक्ति और साहस मिले। ओम शांति।'
सहयोगियों का आभार
अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में उन सभी दोस्तों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया जो इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि अग्निवेश के सामने पूरी जिंदगी पड़ी थी और कई सपने अभी अधूरे थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।