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वैश्विक तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर देखने को मिल रहा है। हाल ही में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सतर्क हैं। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और भविष्य में कीमतों की संभावित दिशा के बारे में।
 

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। बुधवार को घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई। हालांकि, अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,59,346 रुपए से 0.06 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,59,447 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं, जुलाई वायदा चांदी में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई और यह 2,66,668 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली।


खबर लिखे जाने तक (सुबह 11:36 बजे के करीब) 5 अगस्त कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.24 प्रतिशत यानी 390 रुपए की गिरावट के साथ 1,58,956 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, 3 जुलाई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 0.49 प्रतिशत यानी 1,307 रुपए की कमी के साथ 2,65,400 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में भी गिरावट आई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे महंगाई बढ़ने और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका बढ़ गई है। इस कारण निवेशकों का रुझान सोने की ओर सीमित रहा है।


स्पॉट गोल्ड 0.2 प्रतिशत गिरकर 4,476.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.3 प्रतिशत की कमी आई और यह 4,504.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। स्पॉट सिल्वर भी 0.5 प्रतिशत गिरकर 74.73 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं।


पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान ने बहरीन, कुवैत और अन्य क्षेत्रीय ठिकानों पर मिसाइल हमलों की कोशिश की, जिन्हें या तो विफल कर दिया गया या वे सफल नहीं हो सके। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत में भी कोई ठोस प्रगति नहीं हो रही है।


इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई और संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की चिंताएं और गहरी हो गई हैं। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड ने मजबूत शुरुआत की है और फिलहाल 1,59,000 रुपए के ऊपर बना हुआ है, जो बाजार में सकारात्मक रुझान का संकेत देता है।


उनका कहना है कि यदि सोना 1,60,000 रुपए के स्तर को मजबूती से पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है और भाव 1,62,000 से 1,63,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकते हैं। वहीं, नीचे की ओर 1,59,000 रुपए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। यदि यह स्तर टूटता है, तो कीमतें 1,58,400 से 1,58,000 रुपए तक गिर सकती हैं।


एक्सपर्ट के मुताबिक, एमसीएक्स सिल्वर फिलहाल 2,66,000 रुपए के ऊपर टिके रहने में सफल रही है, लेकिन बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। चांदी के लिए 2,68,000 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि यह स्तर पार होता है, तो कीमतें 2,69,500 से 2,70,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक जा सकती हैं। हालांकि, यदि चांदी 2,65,000 रुपए के नीचे गिरती है, तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और भाव 2,63,000 से 2,61,000 रुपए के दायरे तक पहुंच सकते हैं।


विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। सुरक्षित निवेश की मांग और वैश्विक तनाव की स्थिति के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।