शेयर बाजार में ईटीएफ: निवेश का एक स्मार्ट विकल्प
ईटीएफ क्या है?
मुंबई में, आजकल शेयर बाजार में निवेश के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण विकल्प है ईटीएफ, जिसे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड कहा जाता है। ईटीएफ एक ऐसा निवेश साधन है जिसे शेयर बाजार में स्टॉक्स की तरह खरीदा और बेचा जा सकता है, लेकिन यह म्यूचुअल फंड की तरह कई शेयरों, वस्तुओं या परिसंपत्तियों में एक साथ निवेश करता है।
ईटीएफ का कार्य
ईटीएफ किसी विशेष इंडेक्स, वस्तु या संपत्ति के मूल्य को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, निफ्टी ईटीएफ निफ्टी इंडेक्स के शेयरों में निवेश करता है, जबकि गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ सोने और चांदी की कीमतों पर आधारित होता है। निवेशक अपने डीमैट अकाउंट के माध्यम से शेयर बाजार में ट्रेडिंग के दौरान ईटीएफ खरीद और बेच सकते हैं।
ईटीएफ में निवेश की प्रक्रिया
ईटीएफ में निवेश करने के लिए, निवेशक के पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना आवश्यक है। शेयर बाजार के खुलने पर, ईटीएफ को उसी तरह खरीदा जा सकता है जैसे किसी कंपनी का शेयर। इसकी कीमत दिनभर बदलती रहती है, जो संबंधित सूचकांक या वस्तु के मूल्य पर निर्भर करती है।
ईटीएफ और इक्विटी में अंतर
विशेषज्ञों के अनुसार, जब आप इक्विटी में निवेश करते हैं, तो आपका पैसा किसी एक कंपनी में लगता है। इसके विपरीत, ईटीएफ में एक साथ कई कंपनियों या परिसंपत्तियों में निवेश होता है। इक्विटी में जोखिम अधिक होता है, क्योंकि एक कंपनी के खराब प्रदर्शन से नुकसान हो सकता है, जबकि ईटीएफ में जोखिम तुलनात्मक रूप से कम होता है।
म्यूचुअल फंड की तुलना
यदि हम म्यूचुअल फंड की तुलना करें, तो म्यूचुअल फंड में निवेश दिन के अंत की नेट एसेट वैल्यू पर होता है, जबकि ईटीएफ को दिन में कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है। म्यूचुअल फंड का प्रबंधन सक्रिय रूप से किया जाता है, जबकि अधिकांश ईटीएफ निष्क्रिय होते हैं और इंडेक्स का अनुसरण करते हैं। इसके अलावा, ईटीएफ में खर्च अनुपात भी कम होता है।
ईटीएफ के लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि ईटीएफ का सबसे बड़ा लाभ इसकी पारदर्शिता और कम लागत है। निवेशक को यह स्पष्ट होता है कि उसका पैसा कहां लगाया गया है। कम खर्च अनुपात के कारण, लंबे समय में बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है। इसके अलावा, ईटीएफ में तरलता अधिक होती है और इन्हें कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है।