×

शेयर बाजार में गिरावट: ट्रंप के नए टैरिफ और मध्यपूर्व के संघर्ष का प्रभाव

शेयर बाजार में हालिया गिरावट का मुख्य कारण ट्रंप प्रशासन द्वारा नए टैरिफ का लागू होना और मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव को बताया जा रहा है। 24 जुलाई को BSE का सेंसेक्स 331 अंकों की कमी के साथ बंद हुआ, जबकि NSE का निफ्टी भी गिरावट में रहा। कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार के वर्तमान हालात के बारे में अधिक जानकारी।
 

24 जुलाई को बाजार का समापन


मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव और हुती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाने की घटनाओं के कारण शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट आई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 331 अंकों की कमी के साथ 76,059 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 102 अंकों की गिरावट के साथ 23,767 पर समाप्त हुआ।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

कारोबार के दौरान, सेंसेक्स ने 76,210 का उच्चतम स्तर और 75,474 का न्यूनतम स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी ने 23,823 का उच्चतम और 23,606 का न्यूनतम स्तर देखा। BSE पर 10 कंपनियों के शेयर हरे निशान में और 20 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।


तेजी वाले शेयर

ऐक्सिस बैंक, कोटक बैंक, ITC, HCLTECH, TCS, SBIN, ट्रेंट, मारुति, रिलायंस, और टेक महिंद्रा के शेयरों में तेजी देखी गई। HCLTECH के शेयर में सबसे अधिक 2.08% की वृद्धि हुई।


गिरावट वाले शेयर

ICICI बैंक, इंडिगो, BEL, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान लीवर, अल्ट्रासेमको, एशियन पेंट, टाइटन, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, इटरनल, HDFC बैंक, LT, NTPC, अडाणी पोर्ट्स, पावरग्रिड, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में गिरावट आई। इटरनल में सबसे ज्यादा 2.34% की कमी आई।


कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

मध्यपूर्व में संघर्ष और हुती विद्रोहियों द्वारा तेल टैंकरों को निशाना बनाने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि, शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.96% गिरकर 97.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।


ब्रॉडर मार्केट का रुख

Nifty 100 में 0.37%, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10%, और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट देखी गई।


बाजार में गिरावट का कारण

ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को भारत समेत लगभग 60 देशों से आने वाले सामान पर नए टैरिफ लगाने का निर्णय लिया, जिससे शुक्रवार को शेयर बाजार में हलचल मच गई। अमेरिका का कहना है कि यह कदम फोर्स्ड लेबर से जुड़े उत्पादों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए नियमों के तहत भारत पर 10% टैरिफ लगाया गया है, जबकि पहले 12.5% टैरिफ की संभावना थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, भारत ने हाल के दिनों में फोर्स्ड लेबर से जुड़े आयात नियमों को सख्त करने के लिए कुछ नीतिगत बदलाव किए हैं, जिसके कारण उसे कम टैरिफ वाली श्रेणी में रखा गया है।