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शेयर बाजार में गिरावट: निवेशकों ने मुनाफा वसूली की

सोमवार को शेयर बाजार में गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने नुकसान उठाया। निवेशकों ने मुनाफा वसूली की, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक के कदम और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने चिंता बढ़ाई। जानें बाजार के प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं के बारे में।
 

बाजार में गिरावट का कारण

सोमवार, 12 अक्टूबर को शेयर बाजार में दिन के उच्चतम स्तर से गिरावट आई। लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद, निवेशकों ने मुनाफा वसूली की, जिसके परिणामस्वरूप प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रुपये को स्थिर करने के लिए उठाए गए कदम, विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली और बाजार में बढ़ती अनिश्चितता ने भी निवेशकों की चिंताओं को बढ़ाया।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76% गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 157.1 अंक यानी 0.7% की गिरावट के साथ 22,363.35 पर आ गया। दिन के दौरान, सेंसेक्स अपने उच्चतम स्तर से लगभग 950 अंक नीचे चला गया। हालांकि, छोटे शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जहां छोटे शेयरों से जुड़े सूचकांक 1% से अधिक चढ़े, जबकि मझोले शेयरों के सूचकांकों में लगभग 0.4% की वृद्धि हुई। कारोबार के दौरान, 2,119 शेयरों में तेजी आई, 1,982 शेयर गिरे और 211 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।


क्षेत्रवार प्रदर्शन

क्षेत्रवार कारोबार में सरकारी बैंकों के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा। सरकारी बैंक इंडेक्स प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे अधिक गिरा। भारतीय स्टेट बैंक के शेयर लगभग 2% टूट गए, जबकि पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 1% से अधिक की गिरावट आई। दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के शेयर भी 2% गिरे। दवा कंपनियों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, जहां डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के शेयर 2% से अधिक चढ़े।


भारतीय रिजर्व बैंक के कदम

9 अक्टूबर को निफ्टी 288.65 अंक यानी 1.30% चढ़कर 22,520.45 पर बंद हुआ था। लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद, निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। बाजार में गिरावट का एक कारण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रुपये में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए उठाए गए कदम भी रहे। इनमें तेल कंपनियों के लिए डॉलर उपलब्ध कराने की व्यवस्था और कुछ विदेशी मुद्रा सौदों की लागत बढ़ाना शामिल है।


बाजार की भविष्यवाणी

रिजर्व बैंक मंगलवार को 25,000 करोड़ रुपये के सरकारी बॉंड बेचेगा। इसके अलावा, 16 अक्टूबर से बैंकों को अपनी रोजाना नकद आरक्षित जरूरत का 99% बनाए रखना होगा। तकनीकी जानकारों के अनुसार, निफ्टी को 22,600 से 22,650 के ऊपर टिकना होगा ताकि बाजार में मजबूती लौट सके। यदि निफ्टी 22,600 के ऊपर जाता है, तो यह 22,800 और 23,100 तक बढ़ सकता है।


निवेशकों की चिंता

इंडिया वीआईएक्स, जो बाजार में डर और उतार-चढ़ाव का संकेत देता है, 7.5% बढ़ गया। 9 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार 11वें कारोबारी सत्र में 3,568 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 4,743 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली, महंगाई के आंकड़े और रिजर्व बैंक के कदम आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।