शेयर बाजार में तेजी: अमेरिका-ईरान वार्ता से निवेशकों में विश्वास
शेयर बाजार में सकारात्मक रुख
मुंबई: आज शेयर बाजार में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की संभावनाओं ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है। सुबह 9:22 बजे बीएसई सेंसेक्स 536 अंक यानी 0.69% की वृद्धि के साथ 78,647 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी50 भी 153 अंक यानी 0.63% की बढ़त के साथ 24,384 अंक पर पहुंच गया। कल के कारोबार में भी बाजार ने मजबूती दिखाई थी। इस तेजी में इटरनल, इन्फोसिस, ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयरों को सबसे अधिक लाभ हुआ।
तेजी के प्रमुख कारण
आज के बाजार में तेजी का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के दूसरे दौर की संभावना ने निवेशकों में सकारात्मक भावना को जन्म दिया। कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की गिरावट आई है, जिससे बाजार को समर्थन मिला। अमेरिकी शेयर बाजार में एसएंडपी और नैसडैक ने कल रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद किया। जापान का निक्केई भी अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया। इन वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती प्रदान की।
सबसे ज्यादा लाभ वाले शेयर
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में तेजी देखी गई। इटरनल, इन्फोसिस, ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस और बीईएल जैसे शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी हुई। इनमें इटरनल को सबसे बड़ा लाभ मिला। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोटक बैंक जैसे शेयरों में मामूली गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 0.97% और निफ्टी स्मॉलकैप 1.13% की वृद्धि के साथ कारोबार कर रहे थे।
सेक्टर और रुपये की स्थिति
सेक्टर के अनुसार, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल में सबसे अधिक तेजी रही। निफ्टी ऑयल एंड गैस में सबसे कम तेजी देखी गई। रुपये ने डॉलर के मुकाबले 0.1% की मजबूती के साथ 93.2750 पर शुरुआत की। बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 9.5% गिरकर 16.83 पर आ गया, जो बाजार में स्थिरता का संकेत है। कच्चा तेल भी थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, ब्रेंट क्रूड 94.82 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 91.17 डॉलर प्रति बैरल पर है।
बाजार का भविष्य और निवेशकों की उम्मीदें
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो बाजार में और तेजी आ सकती है। वर्तमान में, निवेशक वैश्विक संकेतों और तेल की कीमतों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। घरेलू स्तर पर अच्छे आंकड़ों और मजबूत कंपनियों के परिणामों से बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें और दीर्घकालिक निवेश करें।