शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को मिली निराशा
शेयर बाजार का अंतिम कारोबारी दिन
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
इस सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर से बड़ी गिरावट का सामना किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे नीतिगत बदलाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अस्थिरता का जटिल मिश्रण है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली के कारण लगातार बिकवाली और रुपये की गिरती साख ने भी बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला।
शेयर बाजार का प्रदर्शन
बीएसई सेंसेक्स, जो 30 शेयरों का प्रतिनिधित्व करता है, 1,690.23 अंक या 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, इसमें 1,739.04 अंक या 2.31 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे यह 73,534.41 पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी, जो 50 शेयरों का प्रतिनिधित्व करता है, 486.85 अंक या 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ।
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे अधिक 4.55 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इटरनल और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई।
रुपये की स्थिति
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मजबूत डॉलर के दबाव के चलते भारतीय रुपये में भारी गिरावट आई है। शुक्रवार को, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की शुरुआत 94.18 पर हुई और यह पहली बार 94.50 के स्तर को पार करते हुए 89 पैसे की गिरावट के साथ 94.85 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
इससे पहले, बुधवार को रुपये की स्थिति 93.96 थी। अंतर-दिवसीय कारोबार में, रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74 पैसे गिरकर 94.70 के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।