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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स छह महीने के निचले स्तर पर

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 1,124 अंक लुढ़ककर छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी गिरावट में रहा। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की स्थिति के बारे में।
 

शेयर बाजार में गिरावट का कारण

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, वैश्विक अनिश्चितता और कमजोर अंतरराष्ट्रीय रुख के चलते स्थानीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 1,124 अंक गिरकर छह महीने के निचले स्तर 72,771.72 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 22,800 अंक के नीचे रहा।


यह सेंसेक्स का 30 मार्च, 2026 के बाद का सबसे कम बंद स्तर है। कारोबार के दौरान, सेंसेक्स एक समय 1,179.51 अंक गिरकर 72,716.23 अंक तक पहुंच गया। एनएसई का निफ्टी भी 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,780.25 अंक पर बंद हुआ।


बाजार में बिकवाली का माहौल

निफ्टी में शामिल 50 में से 47 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल तीन शेयरों में बढ़त देखी गई। यह दर्शाता है कि बाजार में व्यापक बिकवाली हुई। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गतिरोध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि और एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने वित्तीय, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, धातु, दैनिक उपयोग की वस्तुओं, तेल एवं गैस और वाहन कंपनियों के शेयरों में गिरावट का कारण बना।


सेंसेक्स में गिरावट के आंकड़े

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 29 में गिरावट आई। लार्सन एंड टुब्रो में सबसे अधिक 2.81 प्रतिशत की कमी आई। पावर ग्रिड 2.62 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स 2.38 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.30 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर 2.27 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.24 प्रतिशत गिर गए।


हालांकि, इन्फोसिस एकमात्र ऐसा शेयर रहा जिसमें तेजी देखी गई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 3.81 प्रतिशत बढ़कर 108.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 3,693.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिक्री की।


विश्लेषकों की राय

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "बाजार में मंदड़ियों का दबदबा बना हुआ है और यह प्रमुख मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर से नीचे चला गया है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में गिरावट के चलते निवेशकों की सतर्कता बढ़ रही है।"


उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका द्वारा संघर्ष विराम प्रस्ताव खारिज किए जाने से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की संभावना है, जिससे निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है। इससे आपूर्ति प्रभावित होने और जिंस कीमतों में वृद्धि का जोखिम बढ़ गया है।"


एशियाई बाजारों का प्रदर्शन

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।


सेंसेक्स शुक्रवार को 315.20 अंक चढ़कर 73,895.74 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 77.40 अंक की बढ़त के साथ 23,140.50 अंक पर रहा।