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शेयर बाजार में मजबूती: निवेशकों को मिली राहत

इस सप्ताह की शुरुआत में शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई, जिससे निवेशकों को राहत मिली। पश्चिम एशिया में तनाव में कमी और संभावित युद्धविराम की खबरों ने बाजार को सहारा दिया। S&P BSE SENSEX और NIFTY 50 में बढ़त देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती बनी रही। जानें बाजार के प्रमुख आंकड़े और निवेशकों का रुख।
 

शेयर बाजार की स्थिति

इस सप्ताह की शुरुआत में, शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत वापसी की, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली। सोमवार को शुरुआती गिरावट के बाद, बाजार में तेजी आई और प्रमुख इंडेक्स लगभग एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।


पश्चिम एशिया में तनाव में कमी

हालिया जानकारी के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव में कमी और संभावित युद्धविराम की खबरों ने बाजार की धारणा को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। ईरान और अमेरिका के बीच एक प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है, जिसमें संघर्ष विराम के साथ होरमुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात शामिल है।


बाजार के प्रमुख आंकड़े

इस सकारात्मक संकेत के चलते, S&P BSE SENSEX दिन के निचले स्तर से उबरकर 787 अंकों की बढ़त के साथ 74,106 पर बंद हुआ। वहीं, NIFTY 50 भी 255 अंकों की बढ़त के साथ 22,968 के स्तर पर पहुंच गया।


बाजार की शुरुआत

बाजार की शुरुआत दबाव में हुई थी, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका की कड़ी चेतावनी से निवेशकों में चिंता बनी हुई थी। हालांकि, दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी बढ़ने से बाजार ने रिकवरी दिखाई।


शेयरों की स्थिति

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो राष्ट्रीय शेयर बाजार में अधिकांश शेयरों में तेजी देखने को मिली है। कुल कारोबार किए गए शेयरों में से बड़ी संख्या में शेयर बढ़त के साथ बंद हुए हैं, जिससे बाजार की व्यापक मजबूती का संकेत मिलता है।


सेक्टोरल प्रदर्शन

सेक्टोरल आधार पर, उपभोक्ता टिकाऊ, सरकारी बैंक, रियल एस्टेट और निजी बैंकिंग से जुड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। वहीं, मीडिया सेक्टर में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।


मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती बनी रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में केवल बड़े शेयरों के साथ-साथ छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।


विदेशी और घरेलू निवेशकों का रुख

विदेशी निवेशकों के रुख की बात करें तो पिछले कारोबारी दिन उन्होंने बिकवाली की थी, जबकि घरेलू निवेशकों ने खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी।