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शेयर बाजार में मिला-जुला रुख, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद मिला-जुला रुख देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स में हल्की गिरावट आई, जबकि एनएसई निफ्टी में बढ़त बनी रही। आईटी कंपनियों और टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार में सुधार सीमित रहा। जानें इस स्थिति का वैश्विक बाजारों पर क्या असर पड़ा और निवेशकों की धारणा कैसे प्रभावित हुई।
 

शेयर बाजार का समापन

कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद, आईटी कंपनियों और टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के चलते बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स, जो तीस शेयरों पर आधारित है, 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,294.96 अंक पर समाप्त हुआ। कारोबार के दौरान, यह 413.85 अंक यानी 0.55 प्रतिशत बढ़कर 74,728.44 अंक तक पहुंच गया था।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

सेंसेक्स ने अपने कारोबार के दौरान जो बढ़त हासिल की थी, वह समापन नीलामी सत्र में खो दी। दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी लगातार तीसरे दिन बढ़त में रहा और 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर 4.33 प्रतिशत, टाइटन का 2.11 प्रतिशत, एशियन पेंट्स का 2 प्रतिशत, मारुति का 1.98 प्रतिशत, टेक महिंद्रा का 1.82 प्रतिशत और टाटा स्टील का 1.73 प्रतिशत गिरा।


लाभ में रहने वाले शेयर

लाभ में रहने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल शामिल हैं। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.56 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.79 प्रतिशत चढ़ा। साप्ताहिक आधार पर, सेंसेक्स 486.8 अंक यानी 0.65 प्रतिशत और निफ्टी 51.7 अंक यानी 0.22 प्रतिशत गिरा।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।


विश्लेषकों की राय

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, "भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशियाई बाजारों से मिले समर्थन ने कुछ शेयरों में लिवाली को बढ़ावा दिया। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग 103.3 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से मुद्रास्फीति, रुपये और भारत की आयात लागत को लेकर चिंता कुछ कम हुई।"


आईपीओ का प्रदर्शन

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के 22,569 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन पूर्ण अभिदान मिला। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक बॉंड प्रतिफल में नरमी से जोखिम लेने की धारणा बेहतर होने के कारण भारतीय शेयर बाजारों में तेजी जारी रही। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है।"


बाजार की स्थिति

प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अपेक्षित नीतिगत फैसलों के बाद वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी निवेशकों के रुख को मजबूती दी। सभी क्षेत्रों में तेजी रही, हालांकि मुनाफावसूली के कारण आईटी कंपनियों के शेयर में गिरावट आई। इस बीच, यह चिंता बनी रही कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें रहने से वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में खर्च प्रभावित हो सकता है।


विदेशी निवेशकों की गतिविधि

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 1.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 3,208.76 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 21.86 अंक की गिरावट और निफ्टी 53 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था।