सरकार का सेमीकंडक्टर कार्यक्रम: केवल गंभीर कंपनियों के लिए आवेदन
सेमीकंडक्टर कार्यक्रम की नई दिशा
नई दिल्ली, 6 नवंबर: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि सरकार का सेमीकंडक्टर कार्यक्रम और मोबाइल फोन तथा कलपुर्जों के निर्माण से संबंधित योजनाएं केवल उन कंपनियों के लिए हैं जो तकनीकी रूप से सक्षम और गंभीर हैं। उन्होंने उद्योग को एक स्पष्ट संदेश दिया कि केवल स्थान घेरने वाले आवेदकों की आवश्यकता नहीं है।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने आईटी सचिव से इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण योजना (ईसीएमएस) से 18-19 गैर-गंभीर आवेदकों को हटाने के लिए कहा है।
सेमीकॉन 2.0 के लिए नया पोर्टल
सरकार ने शुक्रवार को सेमीकॉन 2.0 के लिए एक वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया, जो प्रारंभ में कार्यक्रम के तीन स्तंभों से संबंधित आवेदन स्वीकार करेगा। ये स्तंभ मशीनें और सामग्री, फैब (विनिर्माण इकाइयां) और पैकेजिंग हैं। वर्तमान में, केवल इन तीन क्षेत्रों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं और पोर्टल अब इनसे संबंधित आवेदन आमंत्रित कर रहा है।
गंभीर कंपनियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया
अन्य तीन स्तंभ डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और प्रतिभा से संबंधित हैं। वैष्णव ने सेमीकंडक्टर उद्योग को एक बुनियादी उद्योग बताते हुए कहा कि पोर्टल केवल उन आवेदनों को स्वीकार करेगा जो पूरी तरह से भरे हुए होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि कोई भी अधूरा या गैर-गंभीर आवेदन स्वीकार न किया जाए।
सरकार की नई पहल
मंत्री ने कहा, "यह पोर्टल केवल उन आवेदनों को स्वीकार करेगा जो हर दृष्टि से पूर्ण हैं। इसका उद्देश्य यह है कि केवल अत्यंत गंभीर कंपनियां ही इसमें भाग लें। गैर-गंभीर आवेदकों के लिए कोई स्थान नहीं है।"
उन्होंने एक कार्यक्रम में यह बात कही, जहां सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण योजना के तहत 7,500 करोड़ रुपये से अधिक के 12 नए आवेदनों को मंजूरी देने की घोषणा की। साथ ही, सेमीकॉन 2.0 के वेब आवेदन पोर्टल पर परियोजना प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं।