सरकार की नई गोबरधन योजना: बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल
गोबरधन योजना का परिचय
सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की लागत वाली 'गोबरधन' योजना को लागू किया है। इस योजना के अंतर्गत कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादकों को उनकी बिक्री योग्य गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद, कम से कम 10 वर्षों के लिए प्रशासित मूल्य और पूंजीगत सहायता प्रदान की जाएगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 15 सितंबर को इस योजना के लिए परिचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक प्रभावी रहेगी।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सीबीजी उत्पादन को बढ़ावा देना, परियोजनाओं के लिए अनुकूल बाजार तैयार करना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है। गोबरधन, जिसका पूरा नाम 'गैल्वानाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन' है, एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें पशुओं के गोबर, कृषि अवशेष, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक कचरे से बायोगैस, सीबीजी और जैविक खाद का उत्पादन किया जाता है। योजना के तहत उत्पादित सीबीजी को प्राकृतिक गैस के साथ मिलाकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्य दिशानिर्देश
मंत्रालय के दिशानिर्देशों में योजना के तहत छह प्रमुख पहलुओं को सुनिश्चित करने का उल्लेख किया गया है। इनमें सीबीजी की सुनिश्चित खरीद, मूल्य निर्धारण व्यवस्था, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन ढांचा, ऋण गारंटी सहायता और सीबीजी पारिस्थितिकी चैलेंज फंड शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत योग्य सीबीजी उत्पादक अपनी बिक्री के लिए उपलब्ध गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद का विकल्प चुन सकते हैं।
गैस आपूर्ति की व्यवस्था
यह सुविधा तकनीकी और परिचालन व्यवहार्यता पर निर्भर करेगी। गैस की आपूर्ति को शहर गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियों और संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, सीबीजी क्लस्टर के माध्यम से गैस का एकत्रीकरण कर उसे मुख्य पाइपलाइन में डालने की व्यवस्था भी की जाएगी।
सीजीडी कंपनियों की जिम्मेदारी
सीजीडी कंपनियों को अपने सीएनजी परिवहन और घरेलू पीएनजी खंड की कुल गैस आपूर्ति में निर्धारित अनुपात में सीबीजी की खरीद और बिक्री करनी होगी। यह दायित्व वित्त वर्ष 2026-27 में तीन प्रतिशत, 2027-28 में चार प्रतिशत और 2028-29 से पांच प्रतिशत होगा। सरकार ने सीबीजी के लिए 2,110 रुपये प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) का प्रशासित मूल्य निर्धारित किया है।
मूल्य निर्धारण
95 प्रतिशत मीथेन सामग्री के आधार पर यह मूल्य लगभग 98 रुपये प्रति किलोग्राम के बराबर है, जिसमें कर और कंप्रेशन शुल्क शामिल नहीं हैं। यह मूल्य कम से कम 31 मार्च 2036 तक लागू रहेगा। हालांकि, सीबीजी उत्पादन की लागत, मुद्रास्फीति और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए इसमें भविष्य में बदलाव किया जा सकता है।