सरकार की नई योजना: विदेशी संपत्तियों का खुलासा करने का मौका
विदेशी संपत्तियों के लिए नई योजना
सरकार ने उन छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई योजना पेश की है, जो विदेश में अपनी संपत्ति या आय को अपने आयकर रिटर्न में नहीं दिखाते हैं। इस योजना के तहत, वे एक निश्चित शुल्क का भुगतान करके अपने विदेशी बैंक खातों, अचल संपत्तियों, गहनों, कलाकृतियों, शेयरों, और अन्य संपत्तियों की जानकारी दे सकते हैं, जिनका उन्होंने पहले खुलासा नहीं किया था।
FAST-DS योजना का विवरण
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 'छोटे टैक्सपेयर्स की विदेशी संपत्ति-डिस्क्लोजर स्कीम' (FAST-DS) की घोषणा की है। इस योजना के तहत, छोटे टैक्सपेयर्स अपनी उन विदेशी संपत्तियों या आय की जानकारी दे सकते हैं, जिनका उन्होंने अपने रिटर्न में खुलासा नहीं किया।
अंतिम तारीख: 31 दिसंबर
केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करते हुए 'छोटे टैक्सपेयर्स की विदेशी संपत्ति – डिस्क्लोजर स्कीम नियम, 2026' को अधिसूचित किया है। यह योजना 16 अगस्त से प्रभावी हो गई है और जानकारी देने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है।
स्कीम की दो श्रेणियाँ
पहली श्रेणी में ऐसी विदेशी संपत्तियाँ या आय शामिल हैं, जिन पर पहले टैक्स नहीं भरा गया है और जिनकी कुल कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस श्रेणी में टैक्सपेयर्स को अघोषित संपत्ति या आय की वैल्यू पर 30% टैक्स और 100% पेनल्टी का भुगतान करना होगा।
दूसरी श्रेणी में वे विदेशी संपत्तियाँ शामिल हैं, जिन पर पहले ही टैक्स चुका दिया गया है, लेकिन उनकी जानकारी टैक्स रिटर्न में नहीं दी गई थी। इसके लिए सीमा 5 करोड़ रुपये है और 1 लाख रुपये की फीस देनी होगी।
ब्याज का प्रावधान
टैक्सपेयर्स को अपनी घोषणा ऑनलाइन फॉर्म 1 के माध्यम से करनी होगी। अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 है। इसके बाद, आयकर प्राधिकरण फॉर्म 2 के जरिए यह तय करेगा कि कितना भुगतान करना है। राशि तय होने के बाद, टैक्सपेयर्स को बिना ब्याज के भुगतान के लिए दो महीने का समय मिलेगा। इसके बाद, दो महीने की अतिरिक्त अवधि भी मिल सकती है, लेकिन इस दौरान बकाया राशि पर 1% प्रति माह ब्याज देना होगा।