सरकार ने यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए शुल्क मुक्त लेन-देन की घोषणा की
नई दिल्ली में वित्त मंत्री की घोषणा
नई दिल्ली: यूपीआई का उपयोग करने वाले ग्राहकों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सामान्य उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी इस राहत का लाभ मिलेगा। बड़े व्यापारियों के लिए शुल्क की सीमा बाद में निर्धारित की जाएगी।
आम ग्राहकों के लिए यूपीआई रहेगा मुफ्त
सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजने या दुकानदार को भुगतान करने वाले सामान्य ग्राहकों पर कोई एमडीआर शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि रोजमर्रा की खरीदारी, बिल भुगतान या किसी को पैसे भेजने के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। छोटे व्यापारियों को भी इस शुल्क से बाहर रखा गया है।
सरकार का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को आम जनता के लिए सरल और सुलभ बनाना है। जुलाई 2026 में यूपीआई के माध्यम से 2,366 करोड़ से अधिक लेन-देन हुए, जिनकी कुल राशि लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये थी। यह आंकड़ा देश में डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
We were also reminded of a former Finance Minister of India & his allies making fun of UPI when it was introduced initially, questioning our ability to make it successful.
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) August 10, 2026
Today, UPI is available across 11 countries.
- Smt @nsitharaman in Rajya Sabha (2/n) https://t.co/2mDqgPMoRN
बड़े कारोबारियों पर लग सकता है एमडीआर
सरकार के अनुसार, यदि भविष्य में एमडीआर लागू होता है, तो यह बड़े व्यापारियों तक सीमित रहेगा, जिनका सालाना कारोबार निर्धारित सीमा से अधिक होगा। हालांकि, इस सीमा को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। एनपीसीआई की संबंधित समिति इस पर दिशा-निर्देश तैयार करेगी।
एमडीआर वास्तव में व्यापारी से संबंधित भुगतान शुल्क है, जिसे ग्राहक से सीधे वसूला नहीं जाता। सरकार का तर्क है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत करने के लिए बैंकों और वित्तीय तकनीक कंपनियों को साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और तकनीकी ढांचे में निरंतर निवेश करना आवश्यक है।
Small merchants remain central to the Government's commitment to financial inclusion & UPI’s inclusive growth.
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) August 10, 2026
The vast majority of merchant transactions - including ordinary, low-value transactions, will continue to remain free.
Any future MDR will apply only to a limited… https://t.co/Gk6QyRx7h9
यूपीआई की बढ़ती पहुंच और जरूरी सावधानी
वित्त मंत्री ने यूपीआई की बढ़ती पहुंच का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का रियल-टाइम भुगतान नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े सिस्टमों में से एक है। यूपीआई अब भारत के अलावा 11 देशों में भी उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, बढ़ते डिजिटल लेन-देन के साथ साइबर धोखाधड़ी का खतरा भी बना हुआ है।
इसलिए उपयोगकर्ताओं को चार्ज, रिफंड या केवाईसी के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों से सावधान रहना चाहिए। यूपीआई पिन, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। भुगतान से संबंधित जानकारी के लिए एनपीसीआई या बैंक के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करना बेहतर है।