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सरकारी बैंकों के वेतन समझौते की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते की बातचीत को समयबद्ध तरीके से शुरू करने का निर्देश दिया है। यह वेतन संशोधन एक नवंबर 2027 से लागू होगा। वित्तीय सेवा विभाग ने बैंकों के प्रमुखों को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है, ताकि बातचीत की प्रक्रिया 12 महीनों में पूरी हो सके। पिछले समझौतों से सीख लेते हुए, सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सभी नियमों में संशोधन समय पर हो।
 

सरकार का वेतन समझौते पर ध्यान

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते की बातचीत को समयबद्ध तरीके से आरंभ करने और इसे अगले 12 महीनों में पूरा करने का निर्देश दिया है। वेतन संशोधन एक नवंबर 2027 से लागू होगा।


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों जैसे वित्तीय संस्थान हर पांच साल में अपने कर्मचारियों के वेतन में संशोधन करते हैं।


इस प्रक्रिया के तहत, भारतीय बैंक संघ (आईबीए) कर्मचारी संगठनों और संघों के साथ मिलकर सहमति से वेतन समझौता करता है। वित्तीय सेवा विभाग ने बैंकों के प्रमुखों को एक पत्र भेजकर आगामी वेतन संशोधन के लिए बातचीत शुरू करने के आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बातचीत की प्रक्रिया अधिकतम 12 महीनों में पूरी हो जानी चाहिए।


पिछले समझौतों से सीख

पिछले समझौते के दौरान, वित्त मंत्रालय ने आईबीए को निर्देश दिया था कि भविष्य में सभी वेतन वार्ताएं समय से पहले समाप्त की जाएं, ताकि संशोधित वेतन समय पर लागू हो सके। पत्र में यह भी कहा गया कि पूर्व में समझौतों के बाद नियमों में आवश्यक संशोधन में काफी देरी हुई है।


इसलिए, इस बार यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित नियमों में बदलाव अगले वेतन समझौते की निर्धारित तिथि से पहले ही पूरे कर लिए जाएं। सरकार ने यह भी कहा है कि बैंकिंग क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और कर्मचारियों को उचित वेतन मिलने से उनका मनोबल ऊंचा बना रहता है।