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सरकारी बैंकों को युवाओं की जरूरतों के अनुसार ढलना होगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों को युवाओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार ढलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी निजी बैंकों को अधिक आकर्षक मानती है। बैंकों को चाहिए कि वे युवाओं के साथ सीधे संवाद करें और उन्हें बेहतर सेवाएं प्रदान करें। इसके लिए 'Banking for Youth' अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें मुफ्त पाठ्यक्रम और नए लाभ भी शामिल होंगे। जानें कैसे सरकारी बैंक अपनी छवि को सुधार सकते हैं और युवाओं को आकर्षित कर सकते हैं।
 

नई दिल्ली में वित्त मंत्री का बयान


नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकारी बैंकों को अब केवल पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें युवाओं की बदलती आवश्यकताओं को समझना होगा। आज की युवा पीढ़ी निजी बैंकों को अधिक आधुनिक और आकर्षक मानती है, इसलिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली और ग्राहकों से जुड़ने के तरीकों में बदलाव लाना आवश्यक है।


युवाओं की पसंद और सरकारी बैंकों की चुनौती

युवाओं को सरकारी बैंक क्यों नहीं लगते 'कूल'


वित्त मंत्री ने PSB Confluence 2026 के समापन सत्र में युवाओं के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई युवाओं ने निजी बैंकों को सरकारी बैंकों से अधिक पसंद किया है, क्योंकि उन्हें निजी बैंक अधिक आधुनिक और 'कूल' लगते हैं। सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से आग्रह किया कि वे इस धारणा को बदलने का प्रयास करें। उनका ध्यान केवल नई तकनीक अपनाने पर नहीं, बल्कि युवाओं के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी था। बैंकिंग सेवाएं सरल, व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार और चौबीसों घंटे उपलब्ध होनी चाहिए।


बैंकों को युवाओं के पास पहुंचने की सलाह

युवाओं के बीच खुद पहुंचें बैंक


वित्त मंत्री ने बैंकों को सलाह दी कि वे युवाओं के बैंक शाखाओं तक आने का इंतजार न करें। इसके बजाय, उन्हें कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कौशल विकास संस्थानों में जाकर सीधे संवाद करना चाहिए। इसी दिशा में, 2 अक्टूबर से एक महीने का 'Banking for Youth' अभियान शुरू करने की योजना बनाई गई है। यह अभियान 16 वर्ष और उससे अधिक उम्र के युवाओं पर केंद्रित होगा, जिसका उद्देश्य केवल नए खाते खोलना नहीं, बल्कि युवाओं को पढ़ाई, नौकरी, कारोबार, निवेश और उनकी वित्तीय जरूरतों के लिए बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है।


युवाओं के लिए मुफ्त पाठ्यक्रम और लाभ

मुफ्त ऑनलाइन कोर्स और नए फायदे


सीतारमण ने सरकारी बैंकों को सुझाव दिया कि वे शिक्षण संस्थानों और अच्छे ऑनलाइन प्लेटफार्मों के साथ साझेदारी कर युवाओं के लिए मुफ्त पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएं। इससे बैंक युवाओं के साथ केवल लेन-देन का रिश्ता बनाने के बजाय दीर्घकालिक संबंध विकसित कर सकते हैं। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि बैंक फिटनेस, योग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े वाउचर जैसे लाभ देने पर विचार कर सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और उन्हें वित्तीय मामलों के प्रति जागरूक बनाने में मदद कर सकते हैं।


आधुनिकता के साथ सुरक्षा का ध्यान

'कूल' बनने के साथ सुरक्षा भी जरूरी


हालांकि, वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि युवाओं को आकर्षित करने के लिए बैंकिंग सुरक्षा और नियमों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। आधुनिक और युवा-केंद्रित सेवाओं के साथ-साथ ग्राहकों के पैसे और डेटा की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सरकारी बैंकों के सामने अब यह चुनौती है कि वे अपनी विश्वसनीय छवि को बनाए रखते हुए युवाओं की पसंद के अनुसार बदलाव करें। यदि बैंक डिजिटल सुविधाओं, व्यक्तिगत सेवाओं और सीधे संवाद को बेहतर तरीके से जोड़ पाते हैं, तो नई पीढ़ी के साथ उनका संबंध मजबूत हो सकता है।