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सरकारी संस्थाओं के लिए सलाहकार सेवाओं की खरीद में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उपाय

वित्त मंत्रालय ने सरकारी संस्थाओं को सलाहकार सेवाओं की खरीद में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने सलाह दी है कि अत्यधिक ऊंचे कारोबार और कर्मचारियों की संख्या की शर्तें प्रतिस्पर्धा को सीमित कर सकती हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि कुछ मानदंडों के कारण बोलीदाता की योग्यता प्रभावित हो रही है। जानें इस दिशा में मंत्रालय ने क्या कदम उठाए हैं और क्या नियम लागू करने की सलाह दी गई है।
 

वित्त मंत्रालय की नई सलाह

वित्त मंत्रालय ने सरकारी संस्थाओं को सलाहकार सेवाओं की खरीद में अत्यधिक ऊंचे कारोबार और कर्मचारियों की संख्या की शर्तें लगाने से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय का कहना है कि ऐसी शर्तें प्रतिस्पर्धा को अनावश्यक रूप से सीमित कर सकती हैं। 22 जुलाई को जारी एक कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी ऑनलाइन खरीद मंच (जीईएम) के माध्यम से सलाहकार सेवाओं की खरीद करने वाली एजेंसियों को निविदा में न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या निर्धारित करनी चाहिए, जो कार्य को संतोषजनक तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक हो। व्यय विभाग के खरीद नीति प्रभाग द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है, "बिना उचित कारण के अनुपातहीन रूप से अधिक कर्मचारियों की संख्या की शर्तें प्रतिस्पर्धा को अनावश्यक रूप से सीमित कर सकती हैं।"


अध्ययन के निष्कर्ष

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में जीईएम मंच पर सलाहकार सेवाओं की खरीद से संबंधित निविदाओं का एक नमूना अध्ययन किया। इस अध्ययन में कुछ मुद्दे सामने आए, जैसे अपेक्षाकृत अधिक कारोबार की शर्तें और प्रमुख कर्मचारियों की योग्यता एवं अनुभव की तुलना में सलाहकार फर्म के अनुभव को अधिक महत्व दिया जाना। अध्ययन में यह भी पाया गया कि बोलीदाता के कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या को पात्रता मानदंड बनाया गया, जो परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक श्रमशक्ति से काफी अधिक थी। विभाग ने कहा, "इन निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मानदंड सलाहकार सेवाओं की खरीद में प्रतिस्पर्धा को अनुचित रूप से सीमित कर सकते हैं।"


नियमों का पालन

ज्ञापन में विभाग ने खरीद एजेंसियों को सलाह दी है कि वे पात्रता और योग्यता संबंधी मानदंड तय करते समय 'सलाहकार सेवाओं की खरीद नियमावली, द्वितीय संस्करण, 2025' के प्रावधानों का पालन करें। यह कार्यालय ज्ञापन सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को जारी किया गया है।