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सीगवर्क का राजस्थान में 630 करोड़ रुपये का निवेश और विनिर्माण विस्तार योजना

सीगवर्क, एक प्रमुख पैकेजिंग स्याही निर्माता, ने राजस्थान में 630 करोड़ रुपये का निवेश किया है और भिवाड़ी में अपने विनिर्माण केंद्र का विस्तार करने की योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य इस संयंत्र को वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा निर्माण केंद्र बनाना है। इसके साथ ही, सीगवर्क भारत में अपने संचालन के 20 वर्ष पूरे करने के बाद और अधिक निवेश करने की योजना बना रही है। आशीष प्रधान ने बताया कि कंपनी प्रौद्योगिकी और नवाचार में उच्च मूल्य वाली क्षमताएं विकसित कर रही है।
 

सीगवर्क का निवेश और विस्तार योजना

जयपुर, 2 सितंबर - पैकेजिंग स्याही बनाने वाली कंपनी सीगवर्क ने राजस्थान में अब तक 630 करोड़ रुपये का निवेश किया है और भिवाड़ी में अपने संचालन का विस्तार करने की योजना बना रही है। कंपनी इस संयंत्र को वैश्विक स्तर पर अपना सबसे बड़ा निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में कार्यरत है। यह जानकारी कंपनी के एक अधिकारी ने बुधवार को साझा की।


अधिकारी ने बताया कि जर्मनी की इस कंपनी ने 2026 में भारत में अपने संचालन के 20 वर्ष पूरे किए हैं। सीगवर्क भारत में विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास में और अधिक निवेश करने की योजना बना रही है। भिवाड़ी में स्थित संयंत्र की वर्तमान वार्षिक उत्पादन क्षमता 35,000 टन है।


यह संयंत्र 19 एकड़ में फैला हुआ है और यहां लगभग 600 कर्मचारी काम कर रहे हैं। सीगवर्क एशिया के अध्यक्ष आशीष प्रधान ने कहा कि राजस्थान का यह संयंत्र कंपनी के वैश्विक संचालन में और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि कंपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास में उच्च मूल्य वाली क्षमताएं विकसित कर रही है।


प्रधान ने यह भी बताया कि कंपनी भिवाड़ी में एक वैश्विक क्षमता केंद्र विकसित कर रही है, जिसका उद्देश्य भारत के बाहर के बाजारों के लिए समाधान और विशेषज्ञता तैयार करना है। संयंत्र का विस्तार कर उत्पादन क्षमता और स्वचालन को बढ़ाया जा रहा है।


इस विस्तार के बाद, यह संयंत्र सीगवर्क का सबसे बड़ा ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ बनने की संभावना रखता है। प्रधान ने कहा कि अब हमारा ध्यान अपने नेटवर्क को मजबूत करने और ऐसी क्षमताएं विकसित करने पर है, जिससे हम न केवल भारतीय बाजार बल्कि पूरे एशिया और विश्व के ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।