सुरक्षा समूह ने नोएडा में 8,000 घरों का निर्माण पूरा किया
नोएडा में आवासीय परियोजना की सफलता
रियल एस्टेट कंपनी सुरक्षा समूह ने हाल ही में घोषणा की है कि उसने नोएडा में 84 आवासीय टावरों में लगभग 8,000 घरों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें से 50 प्रतिशत से अधिक घरों के लिए ‘ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट’ (ओसी) भी प्राप्त कर लिए गए हैं। सुरक्षा समूह ने 2024 में दिवाला प्रक्रिया के माध्यम से जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) का अधिग्रहण किया था।
मुंबई स्थित सुरक्षा समूह ने अपनी अंतिम समाधान योजना के तहत विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में लगभग 20,000 घरों का निर्माण पूरा करने का वादा किया था, जिससे परेशान घर खरीदारों को कब्जा मिल सके।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने नोएडा में ‘विश टाउन’ परियोजना के निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया है। सुरक्षा समूह ने बताया, ‘‘कंपनी ने 84 टावरों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिनमें 7,913 आवासीय इकाइयां शामिल हैं।’’ इनमें से 42 टावरों में 4,213 आवासीय इकाइयों के लिए ओसी प्राप्त हो चुके हैं। ओसी का उद्देश्य किसी आवासीय इकाई के निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद उसे रहने योग्य प्रमाणित करना है।
जेपी इन्फ्राटेक के कार्यकारी निदेशक जश पंचमिया ने कहा, ‘‘हमारा ध्यान हमेशा परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और विश टाउन में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को मजबूत करने पर रहा है।’’ राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) द्वारा जेपी इन्फ्राटेक के अधिग्रहण के लिए सुरक्षा समूह की बोली को मंजूरी मिलने के बाद, समूह ने चार जून, 2024 को कंपनी का नियंत्रण संभाला। जेपी इन्फ्राटेक के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) अगस्त 2017 में आईडीबीआई बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह के आवेदन पर शुरू हुई थी।