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सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, विदेशी पूंजी निकासी की चिंताएं

शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और अमेरिका द्वारा शुल्क में वृद्धि है। बीएसई सेंसेक्स 78.84 अंक गिरकर 84,102.12 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 21.50 अंक की कमी के साथ 25,850.85 अंक पर आ गया। कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि अन्य में तेजी बनी रही। जानें और क्या हो रहा है शेयर बाजार में।
 

शेयर बाजार में गिरावट का कारण

विदेशी पूंजी के लगातार निकासी और अमेरिका द्वारा शुल्क में वृद्धि के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट आई। प्रारंभिक कारोबार में थोड़ी बढ़त के बाद, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 78.84 अंक गिरकर 84,102.12 अंक पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 21.50 अंक की कमी के साथ 25,850.85 अंक पर आ गया।


कंपनियों के प्रदर्शन का विश्लेषण

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा और ट्रेंट के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। इसके विपरीत, इटर्नल, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एशियन पेंट्स के शेयरों में तेजी बनी रही।


पिछले सत्रों का प्रदर्शन

पिछले चार सत्रों में बीएसई सेंसेक्स में 1,581.05 अंक या 1.84 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी में 451.7 अंक या 1.71 प्रतिशत की कमी आई है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट लाभ में रहे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहा।


अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रभाव

अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को मिश्रित रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का मूल्य 0.53 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 62.32 डॉलर प्रति बैरल रहा।


विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियां

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे और उन्होंने 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,701.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।