×

सेबी ने 10 शोध विश्लेषकों के पंजीकरण रद्द किए, नवीनीकरण शुल्क न देने पर कार्रवाई

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 10 शोध विश्लेषकों के पंजीकरण को रद्द कर दिया है, क्योंकि उन्होंने अनिवार्य नवीनीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किया। यह कार्रवाई 'मध्यस्थ विनियम, 2008' के तहत की गई है। सेबी ने इन इकाइयों को पहले नोटिस भेजा था, लेकिन कोई भी समय पर उत्तर नहीं दे सका। इसके अलावा, 'फर्स्टकैपिटल अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट' का पंजीकरण भी रद्द किया गया है। जानें इस मामले में और क्या हुआ।
 

सेबी की कार्रवाई

नई दिल्ली, 29 जुलाई: बाजार नियामक सेबी ने 10 शोध विश्लेषकों (आरए) के पंजीकरण को रद्द कर दिया है, क्योंकि उन्होंने अनिवार्य नवीनीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किया। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने यह निर्णय 'मध्यस्थ विनियम, 2008' के तहत लिया है। नियामक ने बताया कि संबंधित इकाइयों को नोटिस भेजे जाने के बावजूद उन्होंने अपने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया।


रद्द किए गए पंजीकरण

सेबी द्वारा जारी आदेश में जिन इकाइयों के पंजीकरण रद्द किए गए, उनमें इम्तियाज रहमान मर्चेंट, प्रवीण पाथियिल, इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, एफ्लूएंस फिनकॉन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, प्रिया क्लाइड एंड्रेड्स और प्रफुल बोहरा शामिल हैं। सेबी के नियमों के अनुसार, पंजीकृत शोध विश्लेषकों को हर पांच साल में नवीनीकरण शुल्क जमा करना आवश्यक है, अन्यथा उनका प्रमाणपत्र अमान्य हो जाता है। जांच में यह पाया गया कि इन 10 इकाइयों ने जुलाई 2020 से दिसंबर 2025 के बीच देय शुल्क का भुगतान नहीं किया।


नोटिस और उत्तर

नियामक ने फरवरी 2025 और इस वर्ष मई में इन इकाइयों को नोटिस भेजकर पूछा था कि उनके पंजीकरण को क्यों न रद्द या निलंबित किया जाए, लेकिन किसी ने भी निर्धारित समय में उत्तर नहीं दिया। इसके परिणामस्वरूप, सेबी ने सभी के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए। आदेश में कहा गया है कि यह कदम समाप्त हो चुके पंजीकरण के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।


अन्य रद्दीकरण

सेबी ने एक अन्य आदेश में 'फर्स्टकैपिटल अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट' का पंजीकरण भी रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2025 की मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर तिमाहियों की गतिविधि रिपोर्ट (क्यूएआर) समय पर दाखिल नहीं करने के कारण की गई। फर्स्टकैपिटल अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट एक पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) है।


नियमों का पालन

नियमों के अनुसार, हर एआईएफ को प्रत्येक तिमाही समाप्त होने के 15 दिन के भीतर अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट नियामक को प्रस्तुत करनी होती है।