सेबी ने शेयर बाजार में सुधार के लिए नए प्रस्ताव पेश किए
सेबी के नए प्रस्तावों का उद्देश्य
शुक्रवार को, बाजार नियामक सेबी ने शेयर बाजारों में संचालन से जुड़े ढांचे में महत्वपूर्ण बदलावों का सुझाव दिया। इसका मुख्य उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, दोहराव को समाप्त करना और बाजार के प्रतिभागियों के लिए अनुपालन का बोझ कम करना है। ये प्रस्ताव सेबी की व्यापक पहल का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य शेयर बाजारों और जिंस वायदा-विकल्प बाजारों में कारोबारी सुगमता को बढ़ाना है।
प्रस्तावित बदलावों की मुख्य बातें
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को एकीकृत करने का सुझाव दिया है। इनमें कारोबार, मूल्य दायरा, सर्किट ब्रेकर, थोक सौदों का खुलासा, कॉल निलामी तंत्र, नकदी वृद्धि योजना, मार्जिन कारोबार की सुविधाएं, पैन आवश्यकताएं, कारोबारी घंटे और दैनिक मूल्य सीमाएं शामिल हैं। ये सभी प्रावधान इक्विटी और जिंस दोनों क्षेत्रों पर लागू होंगे।
पारदर्शिता और निपटान में सुधार
सेबी ने यह भी सुझाव दिया है कि निपटान से संबंधित प्रावधानों को अलग करके एक विशेष मास्टर परिपत्र में स्थानांतरित किया जाए, ताकि विनियामक दोहराव से बचा जा सके। इसके अलावा, पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए थोक सौदों के खुलासों को एकीकृत करने और जानकारी के प्रसार को ग्राहक पैन स्तर पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
यूपीआई आधारित कारोबार में सुधार
सेबी ने द्वितीयक बाजार में अवरुद्ध राशियों के साथ यूपीआई आधारित कारोबार से संबंधित प्रावधानों को अद्यतन करने का भी सुझाव दिया है। इस संबंध में, बाजार नियामक ने 30 जनवरी तक जनता से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।