सोना और चांदी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि: निवेशकों के लिए क्या है खास?
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार वृद्धि
सोने और चांदी की कीमतों में निरंतर वृद्धि जारी है, और यह रुकने का नाम नहीं ले रही है। विशेष रूप से चांदी ने बाजार और निवेशकों को चौंका दिया है। हर कारोबारी दिन चांदी के दाम नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ते जा रहे हैं। इस हफ्ते के पहले दो कारोबारी सत्रों में ही चांदी की कीमत में 32 हजार रुपये से अधिक की वृद्धि हो चुकी है। वहीं, सोना भी अपनी चमक बनाए हुए है और लगातार नए उच्च स्तर पर पहुंच रहा है.
चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल
चांदी की कीमतें अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुकी हैं। पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन एक किलोग्राम चांदी का वायदा भाव लगभग 2,87,762 रुपये पर बंद हुआ था। नए सप्ताह की शुरुआत के साथ ही कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमत 3,19,949 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। खबर लिखे जाने तक चांदी लगभग 7,000 रुपये की तेजी के साथ कारोबार कर रही थी। केवल दो दिनों में 32,187 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बाजार में चांदी की मांग अत्यधिक मजबूत बनी हुई है।
सोने की कीमतों में भी तेजी
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेजी देखी गई है। MCX पर सोने के दाम में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। कारोबार शुरू होते ही सोने की कीमत में लगभग 2,500 रुपये की वृद्धि हुई। पिछले दो कारोबारी दिनों में 5 फरवरी एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) लगभग 5,479 रुपये महंगा हो चुका है। पिछले शुक्रवार को सोने का वायदा भाव 1,42,517 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
मंगलवार को बाजार खुलते समय सोना अपने पिछले बंद भाव 1,45,639 रुपये के मुकाबले हल्की गिरावट के साथ 1,45,500 रुपये पर खुला, लेकिन यह कमजोरी ज्यादा देर नहीं टिकी। थोड़ी ही देर में सोना तेजी पकड़ते हुए नए लाइफटाइम हाई स्तर तक पहुंच गया।
सोना-चांदी की कीमतों में वृद्धि के कारण
सोने और चांदी की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता तनाव इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ से जुड़े बयानों ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
जब भी वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार जैसी जोखिम वाली जगहों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। सोना और चांदी को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है, यही वजह है कि इनकी मांग अचानक बढ़ गई है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में चल रही उथल-पुथल और डॉलर में कमजोरी ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया है। जब करेंसी मार्केट में अस्थिरता होती है, तो सोना-चांदी जैसी संपत्तियों में निवेश बढ़ जाता है।