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सोने और चांदी की कीमतें स्थिर: जानें आज के रेट और बाजार की स्थिति

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। जानें आज के राष्ट्रीय औसत रेट, विभिन्न महानगरों में कीमतों का अंतर और बाजार में हालिया बदलावों के कारण। क्या सोने की मांग में वृद्धि हो रही है? इस लेख में जानें सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
 

सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता


नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतें एक मजबूत स्थिति में बनी हुई हैं। रविवार को घरेलू बाजार में इन दोनों कीमती धातुओं के भाव में कोई बदलाव नहीं आया। वीकेंड के चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग बंद है, जिससे देश के खुदरा बाजारों में शुक्रवार के बंद भाव के आधार पर ही लेन-देन हो रहा है। यह राहत की बात है कि कीमतों में कोई नई वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन शुद्ध सोना अभी भी 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर बना हुआ है।


आज के राष्ट्रीय औसत रेट

इंडियन बुलियन एसोसिएशन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत 150,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर है। वहीं, 22 कैरेट सोने का औसत मूल्य 138,325 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसके अतिरिक्त, चांदी का राष्ट्रीय औसत भाव 247,630 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो औद्योगिक उपयोग और निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है।


महानगरों में सोने और चांदी के भाव

स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण विभिन्न शहरों में सोने और चांदी के रेट में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है।


दिल्ली: 24 कैरेट सोना 150,370 रुपये और 22 कैरेट सोना 137,839 रुपये प्रति 10 ग्राम। चांदी का भाव 246,750 रुपये प्रति किलो।


मुंबई: 24 कैरेट सोने का रेट 150,630 रुपये और 22 कैरेट का भाव 138,078 रुपये। चांदी की कीमत 247,180 रुपये प्रति किलो।


कोलकाता: 24 कैरेट गोल्ड 150,430 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 137,894 रुपये। चांदी का रेट 246,850 रुपये प्रति किलो।


बेंगलुरु: 24 कैरेट सोने की कीमत 150,750 रुपये और 22 कैरेट की कीमत 138,188 रुपये। चांदी का भाव 247,370 रुपये।


कीमतों में वृद्धि के कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ी है। पिछले वर्ष सोने की कीमतों में लगभग 75% की वृद्धि हुई, जो 1979 के बाद का सबसे बड़ा उछाल था। इस साल जनवरी में सोने की कीमत 1.35 लाख रुपये थी, जो मार्च में बढ़कर 1.57 लाख रुपये तक पहुंच गई।


कस्टम ड्यूटी में बदलाव का प्रभाव

मई में सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी में बदलाव ने भी कीमतों को स्थिर रखने में मदद की है। इसके अलावा, औद्योगिक मांग के कारण चांदी की कीमतें भी अपने पुराने स्तर की तुलना में लगभग तीन गुना बढ़कर ढाई लाख रुपये के करीब पहुंच गई हैं।