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सोने और चांदी की कीमतों में उछाल: जानें क्या है कारण और निवेशकों के लिए संकेत

इस सप्ताह की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और डॉलर में कमजोरी के चलते निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है। जानें कि वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतें क्या हैं और निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं। क्या आपको भी बाजार की चाल पर नजर रखनी चाहिए? इस लेख में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।
 

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी


नई दिल्ली: इस सप्ताह की शुरुआत में सर्राफा बाजार में उत्साह का माहौल देखने को मिला। 15 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर आकर्षित किया। इसका प्रभाव भारतीय बाजार में भी स्पष्ट रूप से देखा गया, जहां सोने और चांदी के दाम नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते नजर आए।


वैश्विक कमोडिटी बाजार में पहले कारोबारी दिन अच्छी हलचल देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की उम्मीदों ने वित्तीय बाजारों को प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप डॉलर में कमजोरी आई, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगभग 2 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि चांदी ने 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की।


24 कैरेट सोने की कीमत 1.60 लाख रुपये के करीब


हालिया बाजार आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 1.59 लाख से 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच पहुंच गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव भी मजबूत स्थिति में है और यह लगभग 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण खरीदारों और निवेशकों की नजर बाजार पर बनी हुई है।


चांदी ने भी दिखाई दमदार चाल


सोने के साथ-साथ चांदी में भी उल्लेखनीय तेजी देखी गई। देश के कई प्रमुख बाजारों में चांदी का भाव लगभग 2.85 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की मांग में वृद्धि के कारण इसकी कीमतों को मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों कारणों से चांदी को समर्थन मिल रहा है।


सोना महंगा क्यों हो रहा है?


बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर में आई कमजोरी और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में अनिश्चितता सोने की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण है। जब भी दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलते हैं, निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ा देते हैं। यही कारण है कि वर्तमान समय में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है।


निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?


विशेषज्ञों का कहना है कि सोना इस समय अपने रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को एकमुश्त बड़ी खरीदारी करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए। वहीं, जिन लोगों की शादी या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने की योजना है, उन्हें बाजार की चाल पर लगातार नजर रखनी चाहिए।