सोने और चांदी की कीमतों में उछाल: जानें ताजा रेट्स और बाजार की स्थिति
सोने की कीमतों में भारी वृद्धि
नई दिल्ली: सोने के खरीदारों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। 19 अगस्त, बुधवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एक ही कारोबारी सत्र में सोने की कीमत 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गई है। इसके साथ ही चांदी के दामों में भी इजाफा हुआ है। यदि आप आज सोने या चांदी की खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो ताजा रेट्स अवश्य चेक करें।
24 कैरेट सोने का नया मूल्य
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत सोमवार के 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। इस प्रकार, सोने के दाम में 2,000 रुपये की सीधी वृद्धि हुई है।
बाजार में खुदरा विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की खरीदारी में वृद्धि को इस तेजी का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। विभिन्न शहरों में स्थानीय टैक्स, मांग और ज्वेलर्स के चार्ज के कारण कीमतों में थोड़ा भिन्नता हो सकती है।
24 कैरेट सोने की कीमतें विभिन्न शहरों में
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पटना, लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, जयपुर, लुधियाना, गुवाहाटी, इंदौर, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, पुणे, नागपुर, चंडीगढ़, नासिक, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, रायपुर और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का पिछला भाव 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
चांदी की कीमतों में भी वृद्धि
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी आई है। दो कारोबारी सत्रों तक 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहने के बाद, चांदी का भाव 730 रुपये बढ़कर 2,40,730 रुपये प्रति किलो हो गया है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पटना, लखनऊ, नोएडा, गुरुग्राम, जयपुर, अहमदाबाद, सूरत, पुणे और नागपुर जैसे कई शहरों में चांदी का पिछला भाव लगभग 2.40 लाख रुपये प्रति किलो था।
वैश्विक बाजार में स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। हाजिर सोना लगभग 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,394.57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है और यह करीब 65.08 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बॉंड यील्ड में मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला है। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया से जुड़ी आपूर्ति चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर रही है।