सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: निवेशकों की नजर Fed की बैठक पर
सोने और चांदी की कीमतों में हालिया बदलाव
नई दिल्ली: पिछले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। घरेलू वायदा बाजार MCX से लेकर अंतरराष्ट्रीय कॉमेक्स तक, दोनों धातुओं की कीमतों में वृद्धि हुई। अब निवेशकों की निगाहें अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की बैठक पर टिकी हुई हैं। यह बैठक ब्याज दरों के संबंध में निर्णय लेगी, जो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
पिछले सप्ताह का बाजार प्रदर्शन
शुक्रवार को MCX पर सोने की कीमत 1,43,066 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 2,22,301 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। वहीं, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 4,055.70 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 58.490 डॉलर प्रति औंस रही। भारतीय बुलियन बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,757 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। पूरे सप्ताह सोने ने ऊंचे और निचले स्तर दोनों का अनुभव किया, जबकि चांदी की कीमतों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर क्षेत्र की स्थिति, कमोडिटी बाजार में अस्थिरता का कारण बन रही है। हालांकि, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को उतना लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में सोने और चांदी की कीमतें
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,45,080 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम है।
मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,44,930 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यहां चांदी की कीमत भी 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम है।
चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,45,090 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,41,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है।
निवेशकों की नजर Fed की बैठक पर
अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक सोने और चांदी के बाजार की दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि ब्याज दरों पर कोई बड़ा निर्णय लिया जाता है, तो इसका प्रभाव भारतीय और वैश्विक बुलियन बाजार दोनों पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की गतिविधियों पर ध्यान दें और सोच-समझकर निवेश करें।