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सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

जुलाई की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में कीमतों में कमी के पीछे कई कारण हैं, जैसे डॉलर की मजबूती और घरेलू मांग में कमी। जानें प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें और निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं।
 

सर्राफा बाजार में गिरावट के संकेत


नई दिल्ली: जुलाई का महीना सर्राफा बाजार के लिए कुछ खास संकेत लेकर आया है। आमतौर पर नए महीने की शुरुआत में खरीदारी का उत्साह देखने को मिलता है, लेकिन इस बार सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वायदा बाजार में कीमतों में तेज कमी देखी गई है, जिससे निवेशक और खरीदार दोनों सतर्क हो गए हैं। 1 जुलाई को जारी ताजा रेट्स ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कीमती धातुओं में कमजोरी बनी हुई है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें

कॉमेक्स (Comex) में सोने की कीमत में लगभग 1.19 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे यह लगभग 3,990.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत में और अधिक गिरावट आई है, जो 2.63 प्रतिशत घटकर लगभग 57.91 डॉलर प्रति औंस हो गई। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स (MCX) में भी कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, जहां सोना लगभग 1,155 रुपये टूटकर 1,42,531 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चांदी में भी करीब 3,810 रुपये की कमी आई है, जिससे इसका भाव लगभग 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया।


बड़े शहरों में सोने की कीमतें

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना लगभग 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। हाल के दिनों में कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि बाजार अभी स्थिर नहीं है और निवेशक किसी बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं।


चांदी की कीमतों में गिरावट

चांदी की कीमतों में भी हाल के दिनों में गिरावट का रुख बना हुआ है। वर्तमान में इसका भाव लगभग 2.23 लाख से 2.25 लाख रुपये प्रति किलो के बीच चल रहा है। लगातार गिरावट के कारण कुछ निवेशकों ने खरीदारी से दूरी बना ली है।


कीमतों में गिरावट के कारण

सोने और चांदी की कीमतों पर कई वैश्विक और घरेलू कारण असर डाल रहे हैं:


  • डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने में निवेश कम आकर्षक हो जाता है।
  • ब्याज दरों में अनिश्चितता: निवेशक केंद्रीय बैंकों के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
  • कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव: तेल की कीमतों में बदलाव का असर पूरे कमोडिटी बाजार पर पड़ता है।
  • घरेलू मांग में कमी: आयात शुल्क बढ़ने के कारण सोने की खरीदारी धीमी हुई है।


इन कारणों से सर्राफा बाजार फिलहाल दबाव में है।


जून में सोने की कीमतों में गिरावट

जून के महीने में सोने की कीमतों में गिरावट और भी अधिक थी। एमसीएक्स पर 1 जून 2026 को सोना लगभग 1,60,193 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था, जो 30 जून तक गिरकर लगभग 1,40,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस दौरान सोना 19,700 रुपये सस्ता हुआ।