सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: निवेशकों के लिए क्या है खास?
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली: हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी ये कीमती धातुएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, तो कभी इनमें गिरावट आ रही है। मंगलवार, 28 जुलाई को, अंतरराष्ट्रीय और भारतीय वायदा बाजार में दोनों धातुओं के भाव में कमी आई। यदि आप सोना या चांदी खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो ताजा कीमतों की जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट
कॉमेक्स (Comex) में मंगलवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। हाल के दिनों में तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर पड़ा। सुबह 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, कॉमेक्स पर सोने की कीमत लगभग 0.75 प्रतिशत गिरकर 4,046.40 डॉलर प्रति औंस हो गई। वहीं, चांदी की कीमत में 2.01 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 57.530 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। निवेशकों की नजर इस गिरावट पर बनी हुई है।
घरेलू बाजार में भी नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का असर भारतीय वायदा बाजार, यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी देखने को मिला। यहां सोने की कीमतों में गिरावट आई, जो लगभग 0.64 प्रतिशत की कमी के साथ 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी। पिछले कुछ दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद, मंगलवार को बाजार में नरमी का रुख देखने को मिला। चांदी की कीमत भी गिरकर लगभग 2.18 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रही।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का विश्लेषण
MCX पर सोने की कीमत में लगभग 926 रुपये की कमी आई, जिससे यह 1,43,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, चांदी की कीमत में भी गिरावट आई, जो सुबह के कारोबार में लगभग 2,800 रुपये टूटकर 2,18,373 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। निवेशकों और कारोबारियों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर है।
कीमतों में बदलाव के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों पर कई वैश्विक और घरेलू कारक प्रभाव डालते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों में बदलाव, भू-राजनीतिक घटनाएं और निवेशकों की खरीद-बिक्री की रणनीति इन कीमतों को प्रभावित करती हैं। जब वैश्विक बाजार में मांग बढ़ती है या अनिश्चितता का माहौल बनता है, तब सोने की कीमतों में तेजी आती है। वहीं, मुनाफावसूली या बिकवाली बढ़ने पर कीमतों में गिरावट आ सकती है।
निवेशकों की नजरें बाजार पर
सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट के बाद, निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना रहता है, तो घरेलू बाजार में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में खरीदारी या निवेश का निर्णय लेने से पहले ताजा भाव और बाजार की दिशा पर ध्यान देना समझदारी होगी।