सोने और चांदी की कीमतों में तेजी, ट्रंप के संकेतों से मिली नई उम्मीद
सोने और चांदी की कीमतों में अचानक उछाल
नई दिल्ली: लगातार 9 दिनों तक गिरावट के बाद, सोने और चांदी की कीमतों में अचानक तेजी आई है। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में लगभग 5.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 12,000 रुपये से अधिक है, और यह 2,36,137 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसी तरह, सोने की कीमत भी 4 प्रतिशत या 5,500 रुपये की बढ़त के साथ 1,44,434 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है।
संभावित शांति वार्ता का प्रभाव
युद्ध रुकने की उम्मीद और ट्रंप के इशारे ने किया कमाल
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरें मानी जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय शांति वार्ता हो सकती है। हालांकि, ईरान की ओर से अंतिम प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन इस उम्मीद ने सर्राफा बाजार में उत्साह भर दिया है।
वैश्विक बाजार की स्थिति
डॉलर और कच्चे तेल की कमजोरी से मिला डबल सपोर्ट
वैश्विक बाजार में नरम डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण हाजिर सोना 2.1 प्रतिशत बढ़कर 4,568.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। वहीं, अमेरिकी सोना वायदा में 3.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हाजिर चांदी भी 3.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73.94 डॉलर प्रति औंस हो गई है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने विदेशी निवेशकों के लिए सोने को सस्ता और आकर्षक बना दिया है।
बाजार में अनिश्चितता का साया
बाजार में अभी भी मंडरा रहा है खतरे का बड़ा साया
हालांकि सोने और चांदी ने तेजी पकड़ी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बनाए रखी है और इजरायल के हमले जारी हैं। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, ऊंची ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिससे ब्याज दरें भी प्रभावित हो सकती हैं।
केंद्रीय बैंकों की गतिविधियाँ
केंद्रीय बैंकों की बिकवाली और आगे का ट्रेंड
इस उथल-पुथल के बीच, कुछ देशों के केंद्रीय बैंक अपनी घरेलू मुद्रा को सहारा देने के लिए सोना बेचने पर विचार कर रहे हैं। विशेष रूप से तुर्की का केंद्रीय बैंक अपने सोने के भंडार का उपयोग करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतें मध्य पूर्व के युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक ब्याज दरों पर निर्भर करेंगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो बाजार में सुधार हो सकता है, लेकिन अनिश्चितता बनी रही तो उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।