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सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल, अमेरिकी टैरिफ में बदलाव का असर

सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में तेजी आई है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को हटाने का निर्णय है। इस निर्णय ने वैश्विक बाजार में अस्थिरता को बढ़ाया है। जानें कि कैसे यह बदलाव सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहा है और इसके पीछे के अन्य कारण क्या हैं।
 

सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि

वैश्विक अस्थिरता में वृद्धि और अमेरिकी टैरिफ से संबंधित नए अपडेट के कारण सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी आई।


मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:30 बजे तक, सोने का 2 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.74 प्रतिशत या 2,724 रुपए की वृद्धि के साथ 1,59,504 रुपए पर पहुंच गया। वर्तमान में सोने ने 1,60,600 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।


चांदी में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिल रहा है। चांदी के 05 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 12,531 रुपए या 4.95 प्रतिशत बढ़कर 2,65,475 रुपए हो गई है। वर्तमान में चांदी ने 2,68,875 रुपए का उच्चतम स्तर प्राप्त किया है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि हो रही है। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.89 प्रतिशत बढ़कर 5,176 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5.68 प्रतिशत बढ़कर 87.029 डॉलर प्रति औंस हो गई है।


सोने और चांदी की कीमतों में इस वृद्धि का मुख्य कारण अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को हटाने का निर्णय माना जा रहा है।


पिछले शुक्रवार को, सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से यह निर्णय लिया कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम, 1977 के तहत बिना कांग्रेस की अनुमति के टैरिफ लगाए हैं, जो संविधान के खिलाफ है। टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। इस कारण टैरिफ को रद्द किया जा रहा है।


इसके अलावा, ट्रंप ने सेक्शन 122 के विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले उत्पादों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगाया था, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी वैश्विक अस्थिरता को बढ़ाया है, जिसका प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखा जा रहा है।