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सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें कारण और भविष्यवाणी

हाल ही में, सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव और अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका के कारण हुई है। इस लेख में, हम गिरावट के मुख्य कारणों, वैश्विक बाजार की स्थिति और भविष्य में सोने की कीमतों के रुझान पर चर्चा करेंगे। जानें कि क्या आगे सोने की कीमतों में और गिरावट आएगी या फिर बाजार में सुधार होगा।
 

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट


अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव और अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका के चलते घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर वायदा के लिए सोने की कीमत 1.38 प्रतिशत घटकर 1,50,673 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। इसी तरह, दिसंबर वायदा की चांदी 1.95 प्रतिशत की कमी के साथ 2,30,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।


वैश्विक बाजार और स्पॉट रेट का हाल

हाजिर बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। घरेलू हाजिर सोने की कीमत 1,51,549 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि हाजिर चांदी 2,29,113 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.79 प्रतिशत घटकर 4,330 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.77 प्रतिशत घटकर 63 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी।


गिरावट के मुख्य कारण

बोनांजा पोर्टफोलियो के वरिष्ठ विश्लेषक नृपेंद्र यादव के अनुसार, अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अगस्त में 3.4 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। मजबूत डॉलर, बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी बॉंड यील्ड और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की उम्मीदों ने सोने पर दबाव डाला है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि भी महंगाई का दबाव बढ़ा रही है।


आगे क्या रहेगा रुझान?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में सोने के प्रति सतर्क रुख बना रहेगा। हाजिर सोने के लिए 4,300 से 4,280 डॉलर प्रति औंस का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बिकवाली में वृद्धि हो सकती है, जबकि इसके ऊपर बने रहने पर निचले स्तरों से खरीदारी की संभावना है।